मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नक्सल-रहित बस्तर जिलों में स्थायी आंगनवाड़ी संरचना को प्रोत्साहित किया

Rashtrabaan

    रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में, सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। यह पहल खासकर नक्सल-रहित बस्तर जिलों को ध्यान में रखते हुए सरकार की प्राथमिकता बनी है।

    आंगनवाड़ी केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के बच्चों तथा महिलाओं को मातृ एवं शिशु पोषण, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में मदद प्रदान करना है। स्थायी भवनों के अभाव में कई आंगनवाड़ी केंद्र अस्थायी या किराये के भवनों में संचालित हो रहे थे, जिससे सेवा की गुणवत्ता पर असर पड़ता था।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बच्चों और महिलाओं के विकास के लिए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण एक मजबूती का प्रतीक होगा। स्थायी भवन न केवल सेवा की गुणवत्ता बढ़ाएंगे, बल्कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी बेहतर कामकाजी वातावरण प्रदान करेंगे।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत पूरे राज्य में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाले भवन बनाए जाएंगे जिनमें हर मानक का पूरा ध्यान रखा जाएगा। विशेष रूप से बस्तर जैसे पिछड़े और विकास की धीमी रफ्तार वाले नक्सल मुक्त क्षेत्रों में इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    सरकार की यह योजना स्थानीय समुदायों के सहयोग से संचालित होगी और इसका उद्देश्य बाल विकास सेवाओं को मजबूती देना है। प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि इस योजना को जल्दी से पूरा कर छत्तीसगढ़ के बच्चों को बेहतर भविष्य प्रदान करने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जाएगा।

    आंगनवाड़ी केंद्रों के स्थायी भवनों की स्थापना से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे तथा क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। इस पहल से न केवल शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार होगा, बल्कि सामाजिक आर्थिक दृष्टि से भी सकारात्मक बदलाव आएंगे।

    इस परियोजना के तहत भवन निर्माण के साथ-साथ, केंद्रों के लिए आवश्यक संसाधन व सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी, जिससे माताएं और बच्चे पूरी तरह से लाभान्वित हो सकें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस मिशन को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को कड़ी निगरानी रखने और नियमित रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

    इस पहल को लेकर राज्य सरकार की योजनाएं सराहनीय हैं और यह निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।

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