मुहर्रम 2026 को लेकर शस्त्र प्रदर्शन और डीजे प्रतिबंध पर जियाउर्रहमान बर्क के बड़े बयान

Rashtrabaan

    उत्तर प्रदेश में मुहर्रम के मद्देनजर जारी प्रशासनिक प्रावधानों को लेकर राजनीतिक हलकों में तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने हाल ही में सरकार द्वारा लागू किए गए शस्त्र प्रदर्शन और तेज आवाज वाले डीजे पर लगे प्रतिबंध पर अपना स्पष्ट बयान दिया है। उनके इस बयान ने न केवल राजनीतिक मंच पर बल्कि सामाजिक स्तर पर भी व्यापक चर्चा का विषय बना दिया है।

    जियाउर्रहमान बर्क ने केंद्र व प्रदेश सरकार के आदेशों की तुलना पूर्व की स्थिति से करते हुए कहा कि मुसलमान समुदाय ऐसे आदेशों के लिए पहले से ही अभ्यस्त है और इस प्रकार के प्रतिबंधों से किसी विशेष समुदाय को भयभीत नहीं किया जा सकता। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तीव्रता से वायरल हो रहा है, जिस पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक समूह अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष यह है कि ये निर्देश कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किए गए हैं, जिनका उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    मुहर्रम के दौरान प्रशासन की कड़ी गाइडलाइन

    उत्तर प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुहर्रम के दौरान शस्त्र प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही तेज आवाज में डीजे चलाने की अनुमति भी नदारद रहेगी। संभल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ताजिया जुलूस केवल पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे और किसी भी प्रकार की नई परंपरा या रूट को मंजूरी नहीं दी जाएगी। यह निर्देश पूरी कठोरता से लागू किए जाएंगे ताकि त्योहार के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो।

    जिला मुख्यालय पर पीस कमेटी की बैठक में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों से मिले और नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बताया कि ताजियों की ऊंचाई नियमानुसार रहेगी और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह पुख्ता की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार की कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखना प्राथमिकता है। इन निर्देशों को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभागों को पहले से ही तैयारी पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

    संभल में बढ़ाई गई सुरक्षा, फ्लैग मार्च का आयोजन

    मुहर्रम के मद्देनजर संभल पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च का आयोजन किया है। शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर शांति बनाए रखने की रणनीति बनायी गई है। प्रशासन लगातार नागरिकों से अनुरोध कर रहा है कि वे त्योहार को भाईचारा और शांति के साथ मनाएं।

    सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। पुलिस का कहना है कि ताजिया जुलूस के मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा प्रमुख मार्गों पर नोडल अधिकारी तैनात रहेंगे। जुलूस के दौरान पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात रखा जाएगा। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाकर निगरानी को मजबूत बनाया गया है जिससे किसी भी संभावित असामाजिक घटना पर शीघ्र नियंत्रण पाया जा सके।

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