उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम मंदिर चंदा विवाद को लेकर स्थिति गर्म रही। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या दौरे पर पहुंचे और चढ़ावे में कथित गबन मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर स्पष्ट बयान दिया। उन्होंने कहा कि अपराधी कोई भी हो, वह बच नहीं सकेगा और जांच निष्पक्ष व पारदर्शी होगी। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी तीखे प्रहार किए।
इसके जवाब में सपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीएम योगी के दौरे को लेकर कड़ा तंज कसा। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट शेयर कर पूछा कि आज के भाषण में बयान क्यों कम और धमकी अधिक थी? उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या यह कार्यक्रम अचानक बनाया गया या SIT के गठन के दिन से इसकी योजना थी। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस दौरे को SIT जांच को प्रभावित करने का प्रयास बताया।
पूरे यूपी में भाजपा का सूपड़ा साफ होगा: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा कि सूत्रों के अनुसार सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह कार्यक्रम स्थानीय भाजपा विधायक और पदाधिकारियों के दबाव में अचानक तय किया गया ताकि भाजपा अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर सके। सपा प्रमुख ने दावा किया कि यदि ऐसा न किया गया तो न केवल अयोध्या मंडल, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में भाजपा का सूपड़ा साफ होना निश्चित है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की कि अयोध्या के दौरे के माध्यम से SIT जांच में राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि एसआईटी के सदस्यों पर पहले से ही विवादास्पद आरोप लगे हैं और राजनीतिक दखल जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा कर सकता है।
अखिलेश यादव का तंज: आज चेहरा उतरा हुआ क्यों था?
अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए पूछा कि आज मुख्यमंत्री का चेहरा उतरा हुआ क्यों नजर आ रहा था? उन्होंने कहा कि आवाज जोर से थी लेकिन आत्मविश्वास कम था। साथ ही उन्होंने पूछा कि इस बार मुख्यमंत्री ने अपने खास लोगों से मुलाकात क्यों नहीं की।
उन्होंने कहा कि जनता अब केवल "दूध का दूध और पानी का पानी" नहीं चाहती, बल्कि "सोने का सोना और चांदी की चांदी" की मांग कर रही है। श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन, अनमोल शिलाएं, धातु तथा जेवरों का भी पूरी तरह लेखा-जोखा देना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या में क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ी चंदा एवं दान के कथित गबन मामले पर कहा कि अपराधी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए उसके दोहरे चरित्र पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कारसेवकों पर गोली चलाने वालों से जुड़े रहे, वे आज राम भक्तों के सम्मान की बात कर रहे हैं। योगी ने जनता से अपील की कि वे मंदिर की छवि खराब करने वालों के बहकावे में न आएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि SIT की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता से होगी और दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए देखें: अखिलेश यादव का फेसबुक पोस्ट

