राहुल गांधी की तस्वीर के दुग्धाभिषेक पर भड़के भाजपा नेता: जो राम के नहीं हुए, वे परशुराम के कैसे हो सकते हैं

Rashtrabaan

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने हाल ही में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की तुलना भगवान परशुराम से किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जनता इस सबका ध्यान रख रही है और भविष्य में इसका जवाब भी मिलेगा।

    राहुल गांधी के जन्मदिन के अवसर पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के गंगा घाट पर उनकी तस्वीर का दुग्धाभिषेक किया और उन्हें भगवान परशुराम के रूप में प्रस्तुत किया। तस्वीर में राहुल गांधी के एक हाथ में परशुराम का फरसा और दूसरे हाथ में भारतीय संविधान था। इस घटना के बाद राजनीतिक चर्चा और सामाजिक बहस तेज हो गई है।

    ब्रजेश पाठक ने कहा, “कांग्रेस नेताओं की सोच समझ में कमी है। भगवान परशुराम भगवान विष्णु के अवतार हैं। राहुल गांधी की उनसे तुलना करना उचित नहीं है। जो लोग सनातन धर्म का विरोध करते हैं, वे स्वयं की तुलना परशुराम से करने के बारे में भी नहीं सोच सकते।”

    उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने हमेशा भगवान राम को कल्पित माना है और सनातन संस्कृति को स्वीकार नहीं किया। जब राहुल गांधी बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए गए थे, तब देवउठनी एकादशी के दिन तालाब में मछली पकड़ने की घटना भी सनातन धर्म के प्रति उनके रवैये को दर्शाती है। ऐसे लोग परशुराम से अपनी तुलना कैसे कर सकते हैं, यह अनुचित है। राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए और भगवान उन्हें सदबुद्धि प्रदान करें।

    भाजपा के वरिष्ठ नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि जन्मदिन मनाना हर व्यक्ति का अधिकार है और वे भी राहुल गांधी को शुभकामनाएं देते हैं, परन्तु उन्हें भगवान के रूप में दिखाकर दूध से अभिषेक करना ठीक नहीं है। तस्वीर में एक हाथ में संविधान और दूसरे में परशुराम का फरसा होना अजीब लगा। इसके पीछे क्या संदेश है, यह समझ से परे है।

    उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के सनातन धर्म के प्रति विचार विश्व के लिए ज्ञात हैं, लेकिन समर्थकों द्वारा उन्हें भगवान परशुराम के रूप में पेश करना अनुचित है। उनका मानना है कि राहुल गांधी को एक बेहतर इंसान बनकर समाज सेवा करनी चाहिए, न कि भगवान बनने की कोशिश।

    उत्तर प्रदेश के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें परशुराम के रूप में दिखाना गलत है। जो राम के नहीं हो सके, वे परशुराम कैसे हो सकते हैं। राहुल गांधी का धार्मिक संजोय और भारतीय नागरिकता पर भी देश की न्यायपालिका जांच कर रही है। यह देवताओं का अपमान है और राहुल गांधी को ऐसा करने से बचना चाहिए अन्यथा जनता कड़ा जवाब देगी।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा राहुल गांधी को भगवान परशुराम के रूप में दिखाना हिंदू आस्था के प्रति अपमान है। देवता पवित्र होते हैं और उनका राजनीतिक प्रचार या किसी व्यक्ति को महान दिखाने के लिए उपयोग गलत है। उन्होंने कहा कि हिंदू आतंकवाद, सनातन धर्म का मजाक उड़ाना, प्रभु राम के अस्तित्व पर सवाल उठाना और अब यह सब शर्मनाक सिलसिला बन गया है। उन्होंने पूछा क्या राहुल गांधी माफी मांगेंगे? क्या वे सच में भगवान हैं? क्या वे करोड़ों हिंदुओं से ऊपर हैं?

    यह विवाद राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर गहरी बहस का विषय बना हुआ है और जनता की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, यह आने वाला समय ही बताएगा।

    Source

    error: Content is protected !!