लखनऊ। समाजवादी पार्टी के विधायक रविदास मेहरोत्रा ने केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर विभिन्न गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि विपक्ष को डराने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने राम मंदिर मामले में कथित चोरी और चंदे के गम्भीर आरोपों के मद्देनजर न्यायिक जांच की मांग की है। मेहरोत्रा ने स्पष्ट किया कि जांच किसी स्वतंत्र संगठन या न्यायालयीन निगरानी में होनी चाहिए ताकि इस विषय पर सभी संदेह दूर हो सकें।
नीट परीक्षा में शामिल लाखों छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए, उन्होंने परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर जोर दिया। मेहरोत्रा ने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या पक्षपात इस परीक्षा में नहीं होना चाहिए और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिलना चाहिए।
राम मंदिर से जुड़े मामले में विधायक ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि मंदिर परिसर में करोड़ों की संपत्तियां गायब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे घटना से पहले बंद कर दिए गए थे और एफआईआर अभी तक दर्ज नहीं हुई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश में है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच एक स्वतंत्र एजेंसी या उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में होनी चाहिए, जिससे न्याय पूर्णतः निष्पक्ष हो सके। मेहरोत्रा के अनुसार उनके पास भी ऐसे प्रमाण हैं जिन्हें वे उचित एजेंसी के सामने रखेंगे।
तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज करने के विषय पर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्षी दलों को दबाने के लिए ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल कर रही है। उनका कहना था कि विपक्ष के नेताओं और विधायकों पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है जिससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है।
सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के समाजवादी पार्टी में आंतरिक विवाद के दावे का जवाब देते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि सपा पूरी तरह से एकजुट है और अखिलेश यादव के नेतृत्व पर पूरी पार्टी का भरोसा कायम है। उन्होंने उल्टा दावा किया कि राजभर की पार्टी में असंतोष है और उनके विधायक सोशलिस्ट पार्टी में आने की इच्छा रखते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए मेहरोत्रा ने कहा कि प्रदेश सरकार निरंतर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राम मंदिर से जुड़े सवाल श्रद्धा और पारदर्शिता के मद्देनजर उठाए जा रहे हैं और यदि सरकार निष्पक्ष जांच चाहती है, तो उसे न्यायालयीन जांच का निर्देश देना चाहिए।
उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए सपा विधायक ने कहा कि प्रदेश में अपराध बढ़ा है और तात्कालीन प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कुशल कार्रवाई करने में नाकाम रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्यों के प्रमुख अपराधियों की सूची सार्वजनिक करने और उनके राजनैतिक संबंधों का खुलासा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया की स्थिति से प्रदेश की कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
रविदास मेहरोत्रा ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा सरकार का कार्यकाल अपराधों में वृद्धि का समय रहा है और इसके लिए सरकार को जनता के सामने जवाबदेह होना होगा।

