लखनऊ। राजधानी के अलीगंज थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। प्रशासन द्वारा पूरी गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। यह कदम अग्निकांड में हो रही लापरवाही को रोकने के लिए उठाया गया है।
निलंबित अधिकारियों में गौरव कुमार, एक्सईएन कलेक्शन जानकीपुरम; कमलेन्द्र कुमार सिंह, एफएसएसओ इंदिरा नगर; अनिल कुमार, सहायक अभियंता एवं प्रमोद पांडे, जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद यह कारवाई तत्काल प्रभाव से अमल में लाई गई।
पुलिस ने घटना के संबंध में अलीगंज थाना में मुकदमा दर्ज किया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 110, 105, 125, 3(5) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के अंतर्गत मामला दर्ज हुआ है। इसमें छह नामजद अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
घटना के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी में रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला एवं तुषॉक कृष्णा जायसवाल शामिल हैं। इनके खिलाफ कोर्ट में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। केस की जांच जारी है और अन्य दोषियों की खोज भी की जा रही है।
इसके अलावा, बिल्डिंग के मालिक फरार हो गया है। बताया जाता है कि अग्निकांड वाली इमारत के मालिक ने ताला लगाकर अपनी निजी जगह से भाग गए हैं। घर के बाहर तैनात गार्ड ने बताया कि वह घर की रखवाली करता था और घटना के दिन से ही घर बंद है।
गार्ड के अनुसार, बीपी शुक्ला तथा उनका परिवार उस इमारत में रहते थे। पुलिस अब पूरे मामले की तह तक जाने के लिए हर पहलू की जांच कर रही है। अग्निकांड के कारणों, बिल्डिंग मालिक की भूमिका और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह जुटा हुआ है।

