इंदौर के प्रसिद्ध शिशुकुंज स्कूल की किचन पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी की और कई गड़बड़ियां पाईं। जांच के दौरान किचन में 10 पैकेट ऐसे मसाले मिले, जिनकी उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी। इसके अलावा, नमकीन के दो पैकेट भी एक्सपायरी डेट के निकले। अधिकारियों ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए किचन को सील कर दिया और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई 100 से अधिक बच्चों के बीमार होने के आरोपों के बाद की गई।
मामला तब सामने आया जब शनिवार को विद्यालय में लंच के बाद कई बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई। ज्यादातर बीमार बच्चों की उम्र चौथी कक्षा के छात्रों की बताई जा रही है। बच्चों की हालत खराब होने पर कुछ पालक स्कूल पहुंचे और विरोध जताया। इस विरोध का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, हालांकि इसकी सत्यता का अभी पूरी तरह से पता नहीं चल पाया है। पालकों ने कलेक्टर शिवम वर्मा को भी लिखित शिकायत भेजी थी जिसमें स्कूल की भोजन गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए गए। कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने स्कूल का निरीक्षण किया।
संयुक्त टीम ने लिए 23 नमूने
जांच टीम में कनाड़िया एसडीएम दीपक चौहान, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी, फूड सेफ्टी अधिकारी वैशाली सिंह, पुष्पक कुमार द्विवेदी, सीनियर फूड इंस्पेक्टर मनीष स्वामी तथा तहसीलदार नारायणा नांदेडा शामिल थे। टीम ने किचन में भोजन सामग्री के रखरखाव, साफ-सफाई, खाना बनाने के बर्तनों और पूरी प्रक्रिया की बारीकी से जांच की। इस दौरान पनीर, आइसक्रीम, मसाले, शरबत, राजमा, तेल, नमकीन, दालें, दूध, तैयार भोजन, रोटी एवं पीने के पानी सहित कुल 23 नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
पालकों ने स्कूल परिसर में किया हंगामा
सोमवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कुछ पालक स्कूल परिसर में हंगामा करते हुए दिखे। उन्होंने स्कूल स्टाफ से कहा कि स्टाफ की संख्या कम और पालकों की अधिकता है, जिससे समस्या उत्पन्न हो रही है। पालकों ने अपने कष्टों को भी बयान किया। हालांकि इस वीडियो की तारीख की पुष्टि नहीं हो पाई है।
स्कूल को-ऑर्डिनेटर रिचा तिवारी का बयान
शिशुकुंज स्कूल की को-ऑर्डिनेटर रिचा तिवारी ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने बताया कि स्कूल में भोजन की गुणवत्ता के सभी नियमों का पालन किया जाता है। किचन पूरी तरह खुली है और आरओ फिल्टर किया गया पानी उपयोग होता है। किसी भी पालक को किचन देखने की अनुमति है और स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे स्थापित हैं। रिचा तिवारी ने स्वीकार किया कि कुछ पालकों ने ईमेल के माध्यम से शिकायत की है, पर उन्होंने यह भी कहा कि कोई आरोप लगाते समय सबूत भी प्रस्तुत करना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि स्कूल में 3000 से अधिक बच्चे और स्टाफ मिलाकर लगभग 3800 लोग हैं जो इसी किचन का खाना खाते हैं, यदि भोजन से कोई भी बीमार होता तो यह मामला जल्द ही प्रकाश में आता।

