यूपी सरकार का बड़ा फैसला: बीएसबी से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया तेज

Rashtrabaan

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और समकालीन बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया है। इस कदम के तहत बीएसबी से जुड़े सभी स्कूलों को यूडीआईएसई+ (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली) कोड आवंटित किए जा रहे हैं और उनकी श्रेणियों को भी अपग्रेड किया जा रहा है।

    इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों के अकादमिक रिकॉर्ड को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़कर शिक्षा प्रणाली को अधिक जवाबदेह और छात्र-केंद्रित बनाना है। इससे न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा बल्कि शिक्षा प्रशासन भी ज्यादा पारदर्शी और कुशल होगा।

    यह प्रक्रिया तेजी से पूरी करने के लिए जिला प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे समयबद्ध तरीके से आवेदन, सत्यापन और सिफारिश की सभी औपचारिकताएं पूरी करें। साथ ही, संबंधित अधिकारियों को भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है।

    योग गुरु रामदेव द्वारा 2019 में स्थापित भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) को शिक्षा मंत्रालय द्वारा 2023 में पूरे भारत के लिए एक राष्ट्रीय स्तर का स्कूल शिक्षा बोर्ड मान्यता दी गई है। यह बोर्ड सीबीएसई और आईसीएसई की तरह देशभर के स्कूलों के लिए एक समान शिक्षा का विकल्प प्रदान करता है।

    उत्तर प्रदेश सरकार इस पहल के जरिए शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देना चाहती है, जिससे शिक्षा का डाटा बेहतर तरीके से प्रबंधित हो सके और निर्णय लेने की प्रक्रिया भी अधिक सुव्यवस्थित हो। यूडीआईएसई+ कोड आवंटन से सरकारी रिकॉर्ड्स में पारदर्शिता आएगी और स्कूलों की श्रेणियों के अपग्रेडेशन से स्कूलों की गुणवत्ता का भी मूल्यांकन बेहतर होगा।

    स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने इस पहल को सफल बनाने के लिए निर्देश जारी किये हैं कि बीएसबी से जुड़े सभी स्कूलों को नए यूडीआईएसई+ कोड आवंटित किए जाएं और जहां जरूरत हो, वहां स्कूलों की श्रेणी को अपग्रेड किया जाए। इससे स्कूलों के अकादमिक रिकॉर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिलेगी और छात्र-विद्या का भविष्य सुरक्षित होगा।

    उत्तर प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत जिन स्कूलों के पास पहले से यूडीआईएसई+ कोड नहीं है, उन्हें नवीन कोड आवंटित किए जाएंगे। वहीं, जिन स्कूलों के कोड पहले से हैं, उनके कैटेगरी अपग्रेडेशन की प्रक्रिया उनके वर्तमान मान्यता स्तर के आधार पर पूरी होगी।

    भारतीय शिक्षा बोर्ड, हरिद्वार से जुड़े स्कूलों के लिए यूडीआईएसई+ पोर्टल पर कोड आवंटित करने के साथ ही क्लास अपग्रेडेशन के लिए भी आवेदन प्राप्त हो रहे हैं। सरकार ने इन प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक कड़ी में तेजी ला दी है।

    भविष्य में जब ये स्कूल यूडीआईएसई+ सिस्टम में पूरी तरह शामिल हो जाएंगे, तो छात्रों का अकादमिक डाटा सुव्यवस्थित रूप से राष्ट्रीय शिक्षा ढांचे में सम्मिलित हो जाएगा, जिससे नामांकन रिकॉर्ड, परीक्षा परिणाम, अकादमिक प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक जानकारियों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। इससे शिक्षा प्रशासन प्रणाली अधिक कुशल, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।

    उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम न केवल बीएसबी से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा में लाने के लिए एक अहम पहल है बल्कि पूरे राज्य के शैक्षणिक माहौल में सुधार और छात्रों के उज्जवल भविष्य के निर्माण की दिशा में भी महत्त्वपूर्ण साबित होगा।

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