मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: 41 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, सामान्य से 53% कम बारिश, 2 दिन में मानसून की एंट्री संभावित

Rashtrabaan

    मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम में परिवर्तन दर्शाने वाला चक्रवात, पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सक्रिय हैं, जिसके कारण अगले तीन-चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 41 जिलों में बारिश और आंधी का विशेष अलर्ट जारी किया है। इसमें गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। साथ ही नरसिंहपुर जिले के लिए हीटवेव की चेतावनी भी दी गई है।

    मंगलवार को बालाघाट और रायसेन जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा धार, इंदौर, नर्मदापुरम, खरगोन, राजगढ़, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और बड़वानी में भी बारिश हुई है। दतिया और सीधी में तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि भोपाल में 32.2 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 34.8 डिग्री और जबलपुर में 35.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम केंद्र भोपाल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ भागों में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है। इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि मानसून 26 से 27 जून के बीच बालाघाट, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। ध्यान रहे कि सामान्यतः दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश में 15 जून के आसपास दस्तक देता है।

    बुधवार को इन जिलों में विशेष अलर्ट

    • भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर जिले में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है।
    • ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, श्योपुर, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन और आगर-मालवा में मौसम गर्म रहेगा।

    बारिश की स्थिति और पूर्वानुमान

    • 1 से 23 जून तक मध्य प्रदेश में सामान्य वर्षा के मुकाबले लगभग 53 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के कुल 55 जिलों में से 48 जिले इस कम वर्षा की श्रेणी में शामिल हैं।
    • आम तौर पर 1 जून से अब तक 78.5 मिमी बारिश होना अपेक्षित था, लेकिन इस दौरान केवल 37.1 मिमी वर्षा हुई है। भोपाल में लगभग 4.6 इंच बारिश हो चुकी है।
    • जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में औसतन 72 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग में लगभग 35 फीसदी कम वर्षा दर्ज की गई है।

    यह मौसम बदलाव आने वाले दिनों में किसान, आम जनता तथा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। मानसून की सही एंट्री और अच्छी बारिश के साथ प्रदेश की फसलों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग ने सभी इलाकों में सतर्कता बरतने का आग्रह किया है ताकि किसी भी अप्रिय परिस्थिति से निपटा जा सके।

    Source

    error: Content is protected !!