बड़ी खबर LIVE: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बीच चंपत राय-अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, कांग्रेस बोली – ये चोरी नहीं डकैती है

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    अयोध्या में राम मंदिर चंदा विवाद ने नई हलचल मचा दी है। राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो महत्वपूर्ण सदस्यों चंपत राय और अनिल मिश्रा ने देर रात इस्तीफा दे दिया है। यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब मंदिर के चंदे की कथित चोरी के आरोपों पर पुलिस द्वारा संबंधित लोगों की गिरफ्तारी शुरू हो चुकी है।

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने मामले पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा है कि SIT की रिपोर्ट की प्राप्ति के तुरंत बाद कार्रवाई तेज़ी से शुरू की गई। आरोपितों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है और जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी।

    यह विवाद कांग्रेस पार्टी के लिए भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस ने सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर तीखा हमला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि यह केवल चोरी के मामले से बढ़कर एक डकैती का मामला बन चुका है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली एवं मौजूदा ट्रस्ट का गठन सवालों के घेरे में लाते हुए कहा कि इस पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए।

    राजीव शुक्ला ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं: 1) जांच सुप्रीम कोर्ट के निगरानी में कराई जाए, 2) मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट गठित किया जाए जिसमें भाजपा और आरएसएस के बजाय शंकराचार्यों को शामिल किया जाए, और 3) प्रधानमंत्री मोदी मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

    चंपत राय के इस्तीफे के बाद अनिल मिश्रा ने भी पद से त्यागपत्र दिया है। इससे यह संकेत मिलते हैं कि विवाद गहरा है और इसमें शामिल लोगों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारी और जांच से जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद से न केवल राम मंदिर के प्रति लोगों की आस्था को झटका लगा है, बल्कि धार्मिक एवं सामाजिक स्तर पर भी इसके गंभीर परिणाम पड़ सकते हैं। चंदा दान कर श्रद्धालु भगवान राम के गौरवयुक्त मंदिर के निर्माण में भागीदार बनना चाहते थे, लेकिन इस तरह की घटनाओं से विश्वास प्रभावित होता है।

    अयोध्या पुलिस के सूत्रों ने पुष्टि की है कि नामजद आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है। SIT की रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

    वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि मामले में बड़े लोगों का नाम भी सामने आ सकता है, इसलिए जांच को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखना आवश्यक है। बदलाव की मांग के चलते यह विवाद चुनावी राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन गया है।

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