बालाघाट जिले के बैहर तहसील क्षेत्र में आकाशीय बिजली के कहर ने लोगों कोहसलावित कर दिया है। शुक्रवार दोपहर अचानक मौसम बिगड़ गया, तेज आंधी-बारिश और बिजली कड़कने के बीच हुई जबरदस्त हादसों में चार लोगों की जान चली गई जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। ये घटनाएं तीन अलग-अलग स्थानों पर हुईं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम फ़ैल गया है।
सबसे दर्दनाक हादसा भिमोड़ी गांव के पास जंगल के समीप तालाब के किनारे हुआ, जहां कुछ लोग मछली पकड़ने और नहाने निकले थे। अचानक मौसम खराब होते ही कुछ लोग वन क्षेत्र के कैंप में चले गए, लेकिन कुछ युवक पास के वॉच टावर में शरण लेने पहुंचे, जो उनके लिए घातक साबित हुआ। आकाशीय बिजली ने चार युवकों को झुलसा दिया, जिसमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर एक युवा ने भी दम तोड़ दिया जबकि चौथा अभी भी गंभीर हालत में है। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ीं
इस आपदा का असर केवल एक ही जगह तक सीमित नहीं रहा। गढ़ी थाना क्षेत्र के कोमो गांव में 39 वर्षीय चंद्रावती बिजली गिरने से गंभीर रूप से प्रभावित हुईं और घटनास्थल पर उनकी मृत्यु हो गई। वहीं बैहर थाना क्षेत्र के बम्हनी गांव के बंदरिया टोला में भी एक घर पर आकाशीय बिजली गिरी, जिसमें 65 वर्षीय कौशल्या बाई और उनकी 6 साल की नातिन मोनू झुलस गईं। दोनों को बैहर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों में से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रशासन की तत्परता और राहत कार्य
हादसों के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस तत्काल सक्रिय हो गए। बैहर थाना प्रभारी ने बताया कि डायल-100 और एम्बुलेंस तुरंत घटनास्थलों पर पहुंचीं और घायलों को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया। सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों ने सतर्क किया है कि बारिश के दौरान खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे खड़े रहना अत्यंत खतरनाक होता है क्योंकि आकाशीय बिजली अधिकतर ऊंची जगहों को निशाना बनाती है। इसलिए खराब मौसम में सभी से सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थान पर जाने का आग्रह किया गया है। बालाघाट की यह घटना एक गंभीर चेतावनी है कि प्राकृतिक आपदाओं के समय लापरवाही से भारी जनहानि हो सकती है। स्थानीय प्रशासन पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद प्रदान करने में जुटा हुआ है।

