कानपुर देहात (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य सरकार में मंत्री संजय निषाद भी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने विभिन्न विषयों पर मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट और सटीक रूप से अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में राजनीतिक लाभ के लिए दोहरा मापदंड अपनाना सही व्यवहार नहीं है। संजय निषाद के अनुसार, दोहरा मापदंड अपनाने वाले लोग जनता के विश्वास को ठेस पहुँचाते हैं। जब वे सत्ता में होते हैं तो वे ईश्वर को भूल जाते हैं, जबकि सत्ता से बाहर होते ही भगवान को याद करने लगते हैं, जो कि राजनीति की राजनीति के लिए अनुचित है। यह व्यवहार प्रदेश की जनता द्वारा कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने जनता को यह भी संदेश दिया कि जो लोग बेईमानी के मार्ग पर चलते हैं, उन्हें अपने रास्ते सुधारने चाहिए और संविधान के नियमों का पालन करना चाहिए। उनका मानना है कि यदि राजनीतिक दल और नेता संविधान को अपना धर्म मानकर अपना कार्य करें, तो निश्चित रूप से राजनीतिक लाभ भी स्वाभाविक रूप से मिलेगा।
संजय निषाद ने ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऐसे पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजन से कोई विशेष राजनीतिक लाभ नहीं मिलने वाला है। ब्राह्मण समुदाय शिक्षित और समाज के मार्गदर्शक हैं जो अन्य लोगों को ज्ञान प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समुदाय ने तय किया है कि वे अपने हितों को लेकर एनडीए के साथ खड़े रहेंगे। हालांकि कभी-कभार वे दूसरे पक्ष के साथ कुछ समय के लिए खड़े हो जाते हैं, पर वोटिंग के समय उनका समर्थन एनडीए को ही रहता है।
संजय निषाद ने हाल में टीएमसी में हुई भगदड़ की घटना पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भारत में शासन करते हुए औरंगजेब जैसी मानसिकता से काम नहीं चलेगा। भारत में भारतीय मानसिकता के साथ शासन करना होगा, तभी विकास और स्थिरता संभव होगी। उनका कहना था कि टीएमसी के कई लोग उनके संपर्क में हैं और समय आने पर पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।
इस तरह संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता दोहरे मापदंड और अनैतिक राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने सभी से ईमानदारी, संविधान और भारतीय परंपराओं का पालन करने का आह्वान किया, ताकि प्रदेश और देश का हित सुनिश्चित हो सके।

