प्रयागराज। प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) में डॉक्टरों और वकीलों के बीच हुई मारपीट और विवाद ने तीव्र रूप ले लिया है। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने केवल डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जबकि वकीलों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे डॉक्टरों में गहरी नाराजगी व्याप्त है। इस स्थिति को लेकर प्रयागराज के डॉक्टरों ने शुक्रवार सुबह 8 बजे से 24 घंटे की हड़ताल का ऐलान कर दिया है और प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन की हालिया बैठक में डॉक्टरों ने स्वरूपरानी अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों तथा मरीज पक्ष से जुड़े लोगों के बीच हुई विवादास्पद घटना का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पुलिस ने एकतरफा रवैया अपनाते हुए केवल डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, जबकि उनकी ओर से दर्ज कराई गई शिकायतों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से डॉक्टरों में असुरक्षा और अनिश्चितता की भावना प्रबल हो गई है।
डॉ. एके मिश्रा ने कहा कि डॉक्टर इस घटना की निंदा करते हैं और शहर में फैली अनिश्चितता तथा अराजकता के खिलाफ भी आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना था कि यदि किसी विवाद में दोनों पक्ष आरोपी हैं, तो दोनों की बात सुनी जानी चाहिए और निष्पक्ष जांच होनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित न करने और एफआईआर दर्ज न करने के कारण वे हड़ताल पर जा रहे हैं। यदि उनकी मांगे पूरी नहीं की गईं, तो यह आंदोलन लंबी अवधि का हो सकता है।
डॉ. कमल सिंह ने बताया कि इस हड़ताल में सरकारी और निजी क्षेत्र के सभी डॉक्टर शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, कई डायग्नोस्टिक सेंटर भी बंद रह सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में निश्चित रूप से प्रभाव पड़ेगा। डॉक्टर सिर्फ एक निष्पक्ष और प्रभावी जांच चाहते हैं ताकि दोषी को न्याय के कटघरे में लाया जा सके। उनका आरोप है कि फिलहाल प्रशासन केवल आश्वासन देता रहा है, परंतु कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
डॉक्टरों ने प्रशासन को शुक्रवार सुबह 8 बजे तक का समय दिया है कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस समय सीमा के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 24 घंटे की हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। साथ ही डॉक्टर संगठनों ने कहा है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में भी फैल सकता है। उनका कहना है कि किसी भी पक्ष के सहयोगियों के खिलाफ दबाव डालकर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए और दोषियों को बचाने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

