अमरावती सचिवालय के 145 विभागों के लिए बनने वाले विशाल कार्यालय परिसर के निर्माण कार्यों की निगरानी हेतु सलाहकार नियुक्ति के लिए AGICL ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परियोजना में एमईपी (मेकैनिकल, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग), फैसाड, इंटीरियर्स एवं संबंधित अन्य कार्यों का निरीक्षण किया जाएगा। विशेषज्ञ सलाहकार की भूमिका सुनिश्चित करेगी कि निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हों।
संपूर्ण सचिवालय परिसर की अनुमानित लागत ₹4,933 करोड़ है, जो इसे देश के सबसे बड़े प्रशासनिक भवन परियोजनाओं में से एक बनाती है। सलाहकार का चयन एक निगरानी पद की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि काम के भौतिक, तकनीकी और डिज़ाइन पहलुओं की कसौटी पर जांच-पड़ताल करना इस भूमिका का प्रमुख हिस्सा होगा।
बोली आमंत्रित करने की प्रक्रिया में उम्मीदवार कंपनियों से अनुरोध किया गया है कि वे तकनीकी और वित्तीय प्रस्ताव प्रस्तुत करें। इन दस्तावेज़ों का मूल्यांकन कर योग्य और अनुभवी कंपनियों का चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत सभी निविदान दस्तावेज 30 जून को खोले जाएंगे, जिसके बाद मूल्यांकन की कार्यवाही प्रारंभ होगी।
AGICL द्वारा प्रोजेक्ट के लिए सलाहकार चयन के उद्देश्य से जारी इस निविदा में शामिल हितधारकों के लिए यह अवसर परियोजना की गुणवत्ता और विस्तार को सुनिश्चित करने का एक अहम माध्यम है। विशेषज्ञ सलाहकार की निगरानी से ये पांचों विभागों का कॉम्प्लेक्स आधुनिकतम तकनीक और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार होगा जिससे शासन के कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता आते हुए आम जनता को बेहतर सेवा मिल सकेगी।
इस विशाल निर्माण संग्रह का समुचित प्रबंधन और निगरानी न केवल तकनीकी चुनौती है बल्कि इसके तहत परियोजना के अनेक पहलुओं जैसे लागत नियंत्रण, समय प्रबंधन, गुणवत्ता परीक्षण, सुरक्षा मानकों का अनुपालन और पर्यावरण संरक्षण भी शामिल हैं। इसीलिए इस निविदा के अंतर्गत चुने जाने वाले सलाहकार से ये अपेक्षा है कि वह इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर काम करें।
विशेषज्ञता और अनुभव के आधार पर चुनी गई कंपनी सचिवालय के निर्माण के हर चरण को नियोजित समय सीमा के भीतर सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम होगी। इस प्रकार इस प्रस्तावित सलाहकार का चयन परियोजना की सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस सलाहकार नियुक्ति प्रक्रिया से AGICL का उद्देश्य है कि अमरावती सचिवालय का कार्यालय परिसर न केवल भव्यता और सुविधा में उत्कृष्ट बने, बल्कि दीर्घकालिक उपयोगिता को भी ध्यान में रखते हुए आधुनिकतम निर्माण तकनीकों का पालन हो।

