लखनऊ अग्निकांड पर अखिलेश का प्रहार: भ्रष्टाचार ने छीनी मासूमों की जान
लखनऊ। शहर में हुई एक बड़ी आगजनी ने कम से कम 15 लोगों की जान ले ली है, जिसमें ज्यादातर छात्र शामिल हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर सख्त हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार की भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण मासूमों की जान गई है।
अखिलेश यादव ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा, “कल की घटना अत्यंत दुखद है क्योंकि इसमें कई छात्र अपनी पढ़ाई और बेहतर भविष्य की उम्मीदें लेकर वहां गए थे। बच्चों ने अपने परिवार वालों को फोन किए, वे सहायता की गुहार लगा रहे थे, लेकिन मदद समय पर नहीं पहुंची।”
उन्होंने सवाल उठाए कि रिहायशी इलाके में कमर्शियल गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रखी गई, जिससे इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा, “सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है जनता की सुरक्षा करना, लेकिन ऐसा लगता है कि यहां जिम्मेदारी से भागा जा रहा है।”
अखिलेश ने सरकार पर आरोप लगाया कि राज्य में भ्रष्टाचार इस कदर बढ़ गया है कि इसे रोक पाना लगभग नामुमकिन सा हो गया है। उनका कहना था कि अग्निकांड जैसे हादसे सिर्फ लापरवाही का परिणाम नहीं, बल्कि राज्य के स्तर पर भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनदेखी का सिरा हैं।
उन्होंने आगे कहा, “पिछले कुछ वर्षों में लखनऊ में कई बार आगजनी की घटनाएं हुई हैं, जैसे झुग्गी बस्तियों में, चारबाग इलाके में और यहां तक कि हजरतगंज के एक मशहूर होटल में भी। यह दर्शाता है कि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है।”
अयोध्या के राम मंदिर दान चोरी की जांच में लगी SIT की तुलना करते हुए अखिलेश ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता अपराधियों की जांच कराने के बजाय जनता की समस्याओं और सुरक्षा की ओर होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह सरकार जिम्मेदार नहीं है, बल्कि बचाव के लिए केवल SIT गठित कर अपनी जान बचा रही है।”
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, “इस सरकार के कार्यकाल में कानून के उल्लंघन और भ्रष्टाचार का स्तर इतना बढ़ गया है कि आम जनता अपनी जान और सम्मान दोनों को खतरे में महसूस करने लगी है।”
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि सरकार को जल्द से जल्द अग्निकांड की निष्पक्ष जांच कराए बिना नहीं छोड़ना चाहिए और दोषियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों और जनता का विश्वास बहाल हो सके।
अंत में, उन्होंने प्रशासन और सरकार से अपील की कि वे अपने कर्तव्यों को गंभीरता से लें और जनता की सुरक्षा पहले प्राथमिकता बनाएं। इस दुखद हादसे ने सभी को चेतावनी दे दी है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार की कीमत हमेशा भारी होती है।

