यूपी सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों का महंगाई भत्ता 2% बढ़ाकर 60% किया गया

Rashtrabaan

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय लिया है, जो लाखों परिवारों के लिए राहत की खबर लेकर आया है। सरकार ने महंगाई भत्ते (डीए) में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की है, जिससे डीए अब 60 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

    अपर मुख्य सचिव वित्त दीपक कुमार द्वारा जारी शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि इस निर्णय का सीधा लाभ लगभग आठ लाख राज्य कर्मचारियों और चार लाख पेंशनरों को मिलेगा। दरअसल, महंगाई की वर्तमान दर को देखते हुए यह बढ़ोतरी सरकार की ओर से कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने की पहल है। इससे न केवल उनके वेतन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि पेंशन में भी सुधार होगा, जो अहिले खर्चों को देखते हुए अत्यंत आवश्यक है।

    उत्तर प्रदेश सरकार ने इस कदम के साथ ही केंद्र सरकार के 22 अप्रैल 2026 को जारी आदेश का भी पालन किया है, जो केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में सुधार का निर्देश देता है। वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह वृद्धि उन सभी पूर्णकालिक नियमित कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक संस्थानों के कर्मियों, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों, कार्यभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमान वाले पदों पर कार्यरत कर्मचारियों पर लागू होगी।

    सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि 1 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक की अवधि का डीए एरियर नकद रूप में नहीं दिया जाएगा। इस चार महीने के बकाया डीए की रकम कर्मचारी के भविष्य निधि (पीएफ) खाते में आयकर एवं सरचार्ज कटौती के बाद जमा की जाएगी। यह राशि एक मई 2027 तक लॉक रहेगी, यानी कर्मचारी इसे तब तक नहीं निकाल सकेंगे जब तक कि उनका अंतिम निपटान न हो। जिन कर्मचारियों के पास पीएफ खाता नहीं है, उनके लिए यह एरियर सार्वजनिक भविष्य निधि या राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) के रूप में दिया जाएगा। यदि एनएससी उपलब्ध नहीं होगा, तो नकद भुगतान किया जाएगा।

    इस नीति से न केवल कर्मचारियों को वर्तमान महंगाई से तत्काल राहत मिलेगी, बल्कि उनकी भविष्य की वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। यह कदम राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों को दर्शाता है, जो कर्मचारियों की भलाई और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देती है।

    कुल मिलाकर, यह फैसला प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बहुत बड़ा तोहफा साबित होगा, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार होगा और वे बेहतर ढंग से अपने रोजमर्रा के खर्च पूरे कर सकेंगे। इस बढ़ोतरी से राज्य में कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा और वे अपने कार्यक्षेत्र में और अधिक समर्पित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।

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