छत्तीसगढ़ः सुरक्षा बलों ने माओवादियों के छिपे ठिकानों का खोजा पता, भारी नकदी और हथियार जब्त

Rashtrabaan

    रायपुर/बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादी गतिविधियों को पूरी तरह से नियंत्रण में लाने के लिए कई संयुक्त अभियानों के माध्यम से नक्सलियों के रसद और वित्तीय कनेक्शन को करारा झटका दिया है।

    बीजापुर पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड, स्पेशल टास्क फोर्स, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने गुप्त जानकारी और स्थानीय समर्थन के आधार पर गतिविधियां अंजाम दीं, जिनमें उन्होंने नक्सलियों के कई छिपे हुए ठिकानों का पता लगाया। इस दौरान भारी मात्रा में नकदी, हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं।

    सुरक्षा बलों ने कुल 65.52 लाख रुपये नकदी के साथ-साथ 32 अत्याधुनिक हथियार जब्त किए जिनमें लाइट मशीन गन, सेल्फ-लोडिंग राइफल, कार्बाइन जैसी घातक बंदूकें शामिल हैं। यह अभियान 2024 की शुरुआत से जारी निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियां जब्त की गई हैं, जिनमें लगभग 13 करोड़ रुपये का सोना भी शामिल है।

    पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि यह अभियान केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बीजापुर जिले को नक्सल मुक्त क्षेत्र घोषित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि स्थानीय ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग और गहन खुफिया जानकारी मिलने से इन गुप्त ठिकानों की पहचान संभव हो सकी। ये स्थान राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र और कवरगुट्टा जंगलों के दूरदराज दुर्गम इलाके में स्थित थे।

    हथियारों के अलावा टीमों ने 140 किलो अमोनियम नाइट्रेट और यूरिया भी बरामद किया, जिन्हें विस्फोटक सामग्री बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इन सामग्रियों को सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया है, जिससे नक्सलियों की आपूर्ति श्रृंखला को तेज आघात लगा है।

    यह कार्रवाई माओवादी हथियारों की प्राप्ति और उनके संचालन क्षमता को कमजोर करने के साथ-साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करने के व्यापक प्रयासों का अहम हिस्सा है। बीते वर्ष की तुलना में 2025 से 2026 के बीच जिले में कुल 461 हथियार जब्त किए जा चुके हैं।

    2024 से अब तक सुरक्षा बलों ने 234 माओवादी नक्सलियों को समाप्त किया है और 1,000 से अधिक को पुनर्वास योजना के तहत सहायता प्रदान की है, जो क्षेत्रीय स्थिरता एवं विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। इस प्रकार, नकदी और हथियारों के इन बड़े भंडारों के नष्ट होने से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है।

    Source

    error: Content is protected !!