राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कूनो नेशनल पार्क में भव्य स्वागत, देखीं चीता कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, सोमवार को करेंगी चीता सफारी का आनंद

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    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम और रानी दुर्गावती विश्व विद्यालय के दीक्षांत समारोह में भाग लेने के बाद ग्वालियर विमान तल पर पहुंचकर कुछ समय रुकने के बाद एयर फोर्स के विशेष हेलीकॉप्टर द्वारा कूनो नेशनल पार्क के लिए प्रस्थान किया। कूनो में उनका स्वागत स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने किया।

    राष्ट्रपति मुर्मू के साथ राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी ग्वालियर पहुँचे, जिन्होंने अपने उदार स्नेह के साथ उनका स्वागत किया। प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में राष्ट्रपति को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं ग्वालियर के महापौर शोभा सतीश सिकरवार ने भी उनके आगमन पर गर्मजोशी के साथ स्वागत किया।

    राष्ट्रपति का कूनो नेशनल पार्क और चीता संरक्षण प्रयासों का अवलोकन

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कूनो नेशनल पार्क पहुँचकर वन विभाग के अधिकारियों से चीता संरक्षण परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें परियोजना की प्रगति और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया। राष्ट्रपति ने चीता कंट्रोल एंड कमांड सेंटर का निरीक्षण कर इस महत्वपूर्ण केंद्र में संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। यह केंद्र चीता की निगरानी और सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीकों से सज्जित है, जो प्रोजेक्ट की सफलता के लिए अहम भूमिका निभाता है।

    राष्ट्रपति सोमवार को पुनः कूनो नेशनल पार्क की यात्रा करेंगी, जहां वे चीता मित्रों, मॉनिटरिंग टीम के सदस्यों और अनुभवी गाइडों से मिलकर उनके अनुभव सुनेंगी। इसके बाद वे कूनो की विशिष्ट चीता सफारी का आनंद लेंगी, जो उनके इस संरक्षण अभियान के प्रति समर्पण को दर्शाता है। इस सफारी के दौरान वह प्राकृतिक वातावरण में चीता की जीवन शैली का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करेंगी।

    कूनो दौरे के उपरांत सोमवार 22 जून को प्रातः 10:40 बजे वह हेलीकॉप्टर से श्योपुर के कूनो क्षेत्र से ग्वालियर एयर फोर्स स्टेशन महाराजपुरा पहुंचेंगी। कुछ समय वहां ठहरने के बाद, वह वायु सेना के विमान द्वारा नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी।

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा उनके पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवन संवर्धन के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो राज्य और देश में जीव-जंतुओं के प्रति जागरूकता एवं संरक्षण को बढ़ावा देगा। कूनो नेशनल पार्क में चीता परियोजना देश में पहली बार सफल पुनर्स्थापन प्रयासों में से एक है, और इस प्रकार के कार्यक्रमों से वन्यजीव संरक्षण के महत्व को जन-सामान्य तक पहुँचाने में मदद मिलती है।

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