केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: पेट्रोल निर्यात पर टैक्स खत्म, डीजल और विमान ईंधन पर शुल्क बढ़ाया

Rashtrabaan News Desk
Highlights
  • वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना के बाद 31 अक्टूबर से लागू हुईं संशोधित दरें, पेट्रोल निर्यात पर शुल्क शून्य किया गया
  • डीजल पर निर्यात शुल्क 8.50 से बढ़ाकर 11.50 रुपये और विमान ईंधन पर 11 रुपये प्रति लीटर किया गया

    नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले टैक्स में बड़ा बदलाव किया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही, देश से बाहर भेजे जाने वाले हाई-स्पीड डीजल पर टैक्स बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति लीटर और विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर 11 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक नई और संशोधित दरें आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख यानी 31 अक्टूबर से ही पूरे देश में लागू हो चुकी हैं।
    नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल पर लगने वाला यह शुल्क 2.5 रुपये प्रति लीटर से घटकर शून्य पर आ गया है, जबकि डीजल पर इसे 8.5 रुपये से बढ़ाकर 11.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसके अलावा, केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिसूचना के जरिए एटीएफ पर लगने वाले शुल्क को भी 10.5 रुपये से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
    सरकार ने पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर पैदा हुई अनिश्चितताओं के बीच पिछले साल 27 मार्च 2026 को पेट्रोल, डीजल और एटीएफ के निर्यात पर यह विशेष टैक्स लगाना शुरू किया था। इस कदम का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना था ताकि स्थानीय स्तर पर किसी तरह की किल्लत न हो। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए वित्त मंत्रालय का राजस्व विभाग हर पखवाड़े यानी दो हफ्ते में इन दरों की समीक्षा करता है।
    पिछली समीक्षा 16 अक्टूबर को की गई थी, जिसमें पेट्रोल पर टैक्स 2.5 रुपये, डीजल पर 8.5 रुपये और एटीएफ पर 10.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया था। अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आए ताजा बदलावों और रुझानों को ध्यान में रखते हुए ही सरकार ने अब पेट्रोल के निर्यात को पूरी तरह कर-मुक्त कर दिया है, जबकि डीजल और एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले शुल्कों में थोड़ी बढ़ोतरी कर दी है।

    error: Content is protected !!