लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हुई है, जिससे प्रशासन और सरकार की जवाबदेही सवालों के घेरे में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े आदेश के बाद इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। यह निलंबन आग लगने की घटना में लगी लापरवाही के कारण जिम्मेदार मानकर किया गया है।
निलंबित अधिकारियों में गौरव कुमार, एक्सईएन कलेक्शन जानकीपुरम, कमलेन्द्र कुमार सिंह, एफएसएसओ इंदिरा नगर, अनिल कुमार, सहायक अभियंता, और प्रमोद पांडे, जूनियर इंजीनियर शामिल हैं। इनके खिलाफ जांच तेज कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन वजहों से इस तरह का हादसा हुआ। मुख्यमंत्री के निर्देश की पालना में यह कार्यवाही प्रशासन की तत्परता और जिम्मेदारी को दर्शाती है।
इस घटना के संदर्भ में अलीगंज थाना ने भारतीय दंड संहिता की धारा 110, 105, 125, 3(5) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की धारा 6/10 के तहत अपराध संख्या 115/2026 दर्ज कर ली है। पुलिस ने बताया है कि मुकदमे में छह नामजद अभियुक्त और अन्य जिम्मेदार लोगों को शामिल किया गया है। जांच तेजी से चल रही है और दोषियों को जल्द पकड़ने के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वे हैं रामकृष्ण उपाध्याय, निवासी एमएम-232, सेक्टर-डी, अलीगंज; वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, निवासी मड़ियांव, बड़ा दुर्गा मंदिर के पास; और तुषॉक कृष्णा जायसवाल, निवासी नीलकंठ हॉस्पिटल लेन, बालागंज। उनके द्वारा इस घटना में लापरवाही बरतने या अन्य अपराध संबंधी आरोपों की जांच की जा रही है।
हादसे के समय जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसके मालिक फरार चल रहे हैं। पुलिस ने बताया कि यह मालिक अपनी संपत्ति छोड़कर चले गए हैं और इस पर छापा मारने की कोशिश जारी है ताकि उन्हें कानून के सामने लाया जा सके। सुरक्षा गार्ड के मुताबिक, हादसे के बाद से मालिक का कोई पता नहीं चल पाया है। उनके परिवार का कोई संपर्क भी नहीं हो पाया है।
पुलिस और प्रशासन इस गंभीर मामले की विस्तार से जांच कर रहे हैं ताकि इस प्रकार की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। साथ ही, ऐसे हादसों में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह हादसा सभी के लिए एक सख्त संदेश है कि सुरक्षा व्यवस्था और मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है, ताकि अनमोल जानें सुरक्षित रखी जा सकें।

