लखनऊ: एसआईटी ने अग्निकांड स्थल का किया विस्तृत निरीक्षण, घायलों से भी की मुलाकात

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    लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में अलीगंज अग्निकांड की जांच तीव्र गति से जारी है। मंगलवार को दो सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया और इसके बाद केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात कर उनसे घटना से जुड़ी जानकारियां प्राप्त कीं।

    उत्तर प्रदेश विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की टीम ने अग्निकांड स्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य संग्रहित किए हैं जो जांच में उपयोगी साबित होंगे। एसआईटी में शामिल अपर मुख्य सचिव (पर्यटन एवं संस्कृति विभाग) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार ने घटनास्थल पर लगभग एक घंटे से अधिक समय तक जाकर विस्तार से निरीक्षण किया।

    अमृत अभिजात ने बताया कि उन्होंने घटना स्थल की कई तस्वीरें ली हैं और सभी साक्ष्यों को संकलित करके जांच में तेजी लाई जा रही है। संबंधित व्यक्तियों तथा विभागों से पूछताछ की जाएगी ताकि दोषियों तक पहुंचा जा सके और जांच रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में सहायता मिले।

    एडीजी प्रवीण कुमार ने कहा कि फॉरेंसिक टीम के साथ मलबे और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य को इकट्ठा किया गया है। जांच में प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी को ध्यान में रखा जाएगा और संबंधित अधिकारियों से कड़े सवाल किए जाएंगे। घायलों से मुलाकात कर उनकी तस्दीक भी की गई, जिससे मामले की गहराई से समीक्षा संभव हो सके। जांच रिपोर्ट नियत समय सीमा के भीतर शासन को प्रस्तुत की जाएगी।

    एसआईटी की एफएसएल डायरेक्टर आदर्श कुमार के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने पाया कि मलबा, जले हुए उपकरण और तार सहित कई नमूने जांच के लिए महत्वपूर्ण हैं। इससे आग के कारणों को समझने में मदद मिलेगी।

    घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल अलीगढ़ का दौरा बीच में रोककर घटनास्थल का मौका मुआयना किया था। उन्होंने केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश एसआईटी को दिए। अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि चार अधिकारियों को निलंबित भी किया जा चुका है।

    एसआईटी को निर्देश दिया गया है कि सात दिनों के अंदर पूरी जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि सभी तथ्य सामने आ सकें। प्रशासन भी इस मामले में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। जनता को न्याय दिलाना प्राथमिकता बनी हुई है।

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