लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन से एक ऐसी भयावह घटना सामने आई है जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया है। छपरा-गोमती एक्सप्रेस की स्लीपर कोच की एस1 बोगी में एक बंद बक्से के नीचे से एक किशोरी का 6 टुकड़ों में बंटा शव मिला। गौरतलब है कि इस शव में उसका सिर नहीं था। सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की।
पुलिस ने मौके से कई सुराग जुटाए और तीन टीमों का गठन कर जांच तेज कर दी। कुशीनगर जिले के तमकुही रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर हत्या से जुड़े अहम सबूत मिले, जिनके आधार पर तीन आरोपी पकड़े गए। मृतक किशोरी 16 वर्षीय शब्बा की हत्या उसके ही पिता विग्गन अंसारी, उसकी बहन नूरजहां और बहनोई मोजीबुल्ला अंसारी ने मिलकर की थी।
पुलिस का कहना है कि शब्बा के प्रेम संबंधों को लेकर परिवार में तनाव था। पिता विग्गन कई बार अपनी बेटियों की पसंद के खिलाफ नाराज रहता था। खासकर शब्बा के फोन पर किसी से बात करने को लेकर उसके और पिता के बीच विवाद हुआ करता था। इसी तनाव के चलते पिता ने बहन और बहनोई के साथ मिलकर अपनी ही नाबालिग बेटी की हत्या कर दी और शव को टुकड़ों में काट दिया।
एसपी रेलवे रोहित मिश्रा ने बताया कि पुलिस अभी भी हत्या के मामले की गहराई से जांच कर रही है और शव के सिर की तलाश जारी है। इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ जारी रखी है और पूरे मामले को लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे और कोई कारण या अन्य लोग शामिल तो नहीं हैं। परिवार की सामाजिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि को भी इस मामले में शीघ्र ही सामने लाने की कोशिश की जा रही है। परिवार में किसी पुरानी रंजिश या दबाव के चलते यह घातक घटना हुई है, ऐसा भी माना जा रहा है।
यह वारदात पूरे इलाके में शोक और भय का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोग पुलिस की जांच और न्याय तक पहुंचने की कामना कर रहे हैं। अर्ज है कि जल्द ही आरोपियों को उनके कृत्य की सजा मिले और ऐसी घटनाएं फिर से न हों।

