नई दिल्ली, राष्ट्रबाण। भारत सरकार ने नेपाल और भूटान के नागरिकों की भारत में आवाजाही से जुड़े इमिग्रेशन नियमों में संशोधन किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी नए आदेश में पहचान दस्तावेजों और यात्रा संबंधी छूट की शर्तों को स्पष्ट किया गया है। नए प्रावधानों के तहत कुछ विशेष परिस्थितियों में नेपाल और भूटान के नागरिकों को भारत आने या यहां से किसी दूसरे देश जाने के लिए वैध पासपोर्ट रखना अनिवार्य होगा। दरअसल, भारत और नेपाल के बीच लंबे समय से खुली सीमा व्यवस्था है। वहीं, भूटान के नागरिकों को भी भारत आने-जाने में कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं। सामान्य परिस्थितियों में दोनों देशों के नागरिक निर्धारित पहचान दस्तावेजों के आधार पर भारत की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि, गृह मंत्रालय के नए संशोधन में कुछ ऐसी परिस्थितियां तय की गई हैं, जिनमें यह छूट लागू नहीं होगी।
तीसरे देश के रास्ते यात्रा करने पर लागू होंगे नए नियम
संशोधित प्रावधानों के अनुसार, यदि नेपाल या भूटान का कोई नागरिक इन दोनों देशों के अलावा किसी तीसरे देश से भारत आता है या भारत से किसी तीसरे देश की यात्रा करता है, तो उसे वैध पासपोर्ट रखना होगा। ऐसी स्थिति में सामान्य पहचान दस्तावेजों के आधार पर मिलने वाली छूट का लाभ नहीं मिलेगा। यानी यात्रा किस देश से शुरू हुई है और किस रास्ते से की जा रही है, इसके आधार पर दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इस बदलाव का उद्देश्य तीसरे देशों के रास्ते भारत आने-जाने वाले यात्रियों की पहचान और यात्रा संबंधी जानकारी को अधिक व्यवस्थित करना है। खासतौर पर चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के रास्ते यात्रा करने वाले लोगों के लिए इन प्रावधानों का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे यात्रियों को यात्रा से पहले अपने दस्तावेजों की वैधता और लागू नियमों की जानकारी रखना जरूरी होगा।
सामान्य आवाजाही की सुविधाओं पर नहीं है सीधा असर
भारत के नेपाल और भूटान के साथ पुराने सांस्कृतिक, आर्थिक और पारिवारिक संबंध हैं। दोनों देशों के नागरिक बड़ी संख्या में व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और पारिवारिक कारणों से भारत आते-जाते हैं। ऐसे में नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य सामान्य आवाजाही की सुविधाओं को समाप्त करना नहीं, बल्कि तीसरे देशों के माध्यम से होने वाली यात्राओं में पहचान संबंधी नियमों को स्पष्ट करना है। इसलिए नेपाल और भूटान के नागरिकों को यात्रा की योजना बनाते समय अपने यात्रा मार्ग और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए, ताकि सीमा पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।


