लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर के विवादित बयान को पूरी तरह खारिज कर दिया है। राजभर ने हाल ही में दावा किया था कि समाजवादी पार्टी जल्द टूट जाएगी, जिसका सपा प्रवक्ता ने पूरी तरह निराधार और बनावटी करार दिया। उन्होंने इस प्रकार के बयानों को सपा की गंभीरता से न लेने वाली राजनीति बताया।
फखरुल हसन चांद ने कहा कि उनके पास विश्वसनीय जानकारी है जो यह दर्शाती है कि ओपी राजभर दबाव के तहत बयान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राजभर के पुत्र अरुण राजभर ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर पार्टी में सुभासपा के विलय की बात की। इस दौरान अरुण ने राजभर के ऊपर भाजपा का दबाव होने की बात कही, जो उन्हें झूठे और निराधार बयान देने को मजबूर करता है।
सपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि राजभर को भाजपा की ओर से संदेश आते हैं जिन्हें सार्वजनिक रूप से बोलना और सोशल मीडिया पर प्रचारित करना पड़ता है। वे निरंतर तनाव में रहते हैं और अपनी मर्जी के खिलाफ बयान देने को मजबूर हैं। अरुण राजभर ने बताया कि ओपी राजभर को बहुत बार भाजपा अध्यक्षों द्वारा निर्देश दिए जाते हैं, जिससे वे असहज महसूस करते हैं।
फखरुल हसन चांद ने कहा कि पिछड़े वर्गों की राजनीति को बचाए रखने के लिए सुभासपा द्वारा समाजवादी पार्टी में विलय की मांग की गई है और इस विषय पर सपा पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले जब राजभर के पुत्र ने इस दबाव वाले मामले को सार्वजनिक किया, तब से सपा उन बयानों को महत्व नहीं देती जिसे ओपी राजभर भाजपा के दबाव में आकर देते हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि ओम प्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी के टूटने संबंधी बयान पूरी तरह राजनीतिक हस्तक्षेप और बयानबाजी है जिसका सपा से कोई लेना-देना नहीं। सपा की स्थिरता और एकजुटता में कोई कमी नहीं है और ऐसे बयान केवल मतभेदों और दबाव की राजनीति को उजागर करते हैं।

