लखनऊ। कांग्रेस सांसद राकेश राठौर ने भाजपा पर आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम के बहाने जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाने का आरोप लगाया है। उन्होंने भाजपा पर संविधान की मूल भावना को कमजोर करने और देश की समसामयिक समस्याओं को नजरअंदाज करने का गंभीर आरोप लगाया।
राठौर का कहना है कि भाजपा सरकार अपनी कमियों को छुपाने के लिए लगातार पुराने मामलों को उठाकर लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पुलवामा हमले की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक न करने, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाए। राठौर ने कहा कि जब जनता रोजाना जीवन की कठिनाइयों से जूझ रही है तो सरकार ऐतिहासिक और राजनीतिक बहस को हवा देकर वास्तविक समस्याओं से बच रही है।
जब बात एनसीईआरटी की पुस्तकों में आपातकाल के अध्याय शामिल करने की आई, तो राठौर ने कहा कि यह भाजपा की एकतरफा सोच को बच्चों के मन में बैठाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करना लोकतंत्र के लिए घातक है और जनता इसकी अनुमति नहीं देगी। भारतीय जनता ने सदैव स्वतंत्रता और लोकतंत्र को मजबूत किया है और किसी भी तरह की एकपक्षीय सोच को अस्वीकार किया है।
पंजाब में बेअदबी विवाद को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौर ने कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद ही कोई ठोस टिप्पणी करेंगे, क्योंकि इस तरह के विषय संवेदनशील होते हैं और त्वरित प्रतिक्रियाएं मामले की गंभीरता को कम कर सकती हैं।
राम मंदिर चंदा विवाद के विषय में राठौर ने जोर देकर कहा कि यह देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस जांच को सुप्रीम कोर्ट के किसी न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई करे ताकि सभी संदेह दूर हो सकें। सरकार जनता के विश्वास को बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों को गंभीरता से लें।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अयोध्या दौरे को लेकर राठौर ने कहा कि इस प्रकार के दौरे लोकतंत्र का हिस्सा हैं और इसमें कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को एक-दूसरे के विश्वास और सम्मान का सम्मान करना चाहिए।
दिल्ली में सामने आए हेल्थ स्कैम के आरोपों के संबंध में भी राठौर ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कारवाई होनी चाहिए और सभी आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे धार्मिक संस्था हो या स्वास्थ्य विभाग, किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं माना जाना चाहिए।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेतृत्व विवाद के सवाल पर राठौर ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को तोड़ने और जनता को गुमराह करने की कोशिशें खतरनाक हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा धनबल से विपक्ष को कमजोर करने का कार्य कर रही है, जिसके खिलाफ जनता जागरूक हो चुकी है और आगामी चुनावों में उसका परिणाम देखने को मिलेगा।
अंत में जयराम रमेश द्वारा भाजपा द्वारा आरक्षण व्यवस्था समाप्त करने के आरोप पर राठौर ने कहा कि भाजपा संविधान के मूल सिद्धांतों को बदलने का प्रयास कर रही है और वंचित वर्गों के सामाजिक न्याय को खतरे में डालना चाहती है। उन्होंने भाजपा की इस नीति को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और जनता को सचेत रहने की अपील की।
राकेश राठौर की ये टिप्पणियां भाजपा की राजनीतिक रणनीतियों और सामाजिक मुद्दों पर उनकी सधी हुई आलोचना को दर्शाती हैं, जो इस समय देश में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। देश की जनता अब ऐसे प्रयासों को भांप रही है और आने वाले चुनावों में इसका प्रभुत्व सामने आएगा।

