लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने शनिवार तड़के एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी संजय को मुठभेड़ में मार गिराया। संजय एक लाख रुपये का इनामी बदमाश था जो लंबे समय से फरार था। मुठभेड़ तब हुई जब आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
पुलिस घेराबंदी के दौरान मुठभेड़
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार देर रात सूचना मिली कि संजय बाइक से इंदिरा कैनाल रोड इलाके में आ रहा है। सूचना मिलते ही एएसपी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने क्षेत्र की पूरी घेराबंदी कर दी। चारों ओर से घिरा देख संजय ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुख्य आरोपी था बिल्डर संदीप सिंह हत्याकांड का शूटर
पुलिस के मुताबिक, संजय इसी साल 27 मई को पीजीआई थाना क्षेत्र में हुई बिल्डर संदीप सिंह हत्या का मुख्य शूटर था। घटना के बाद वह फरार रहा और पुलिस को चकमा देकर कई स्थानों पर छुपा रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर लखनऊ पुलिस आयुक्त ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच में यह भी पता चला कि वह कई संगठित आपराधिक गिरोहों से जुड़ा था और कई गंभीर वारदातों में सक्रिय था।
कई जिलों में दर्ज थे केस
संजय अंबेडकरनगर के अहिरौली थाना क्षेत्र के चक कोदार गांव का रहने वाला था। उसके खिलाफ अंबेडकरनगर, अयोध्या, बस्ती समेत कई जिलों में हत्या, रंगदारी और अन्य आरोप थे। पुलिस का मानना है कि वह कुख्यात अपराधियों और गिरोहों से संपर्क में रहकर अपराधों को अंजाम देता था। अब पुलिस उसके अन्य सहयोगियों की तलाश कर रही है और जल्द ही उन पर भी कार्रवाई करेगी।
बरेली में भी इनामी कैदी की गिरफ्तारी
वहीं, बरेली में पुलिस ने सेंट्रल जेल के कृषि फार्म से फरार हुए 25 हजार रुपये के इनामी कैदी दिनेश को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। इज्जतनगर क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई में दिनेश के पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से अवैध तमंचा और कारतूस बरामद हुए हैं। वह पॉक्सो मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था और हाल ही में जेल से फरार हुआ था। पुलिस उसकी तलाश में कई टीमें गठित किए हुए थीं। घायल आरोपी का इलाज अस्पताल में जारी है।

