लखनऊ के अलीगंज इलाके के पुरानिया में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड हुआ, जिसमें कम से कम 15 छात्रों की मौत हो गई और कई अन्य अंदर फंसे रहे। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और तेज़ी से बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक प्रकट करते हुए कहा कि यह अग्नि दुर्घटना अत्यंत हृदयविदारक है। उन्होंने दिवंगत छात्रों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
पुलिस और दमकल विभाग के अनुसार, घटनास्थल पर आठ फायर टेंडर और दमकल की टीम ने बचाव कार्य किया। फायरमैन ने इमारत की दीवार तोड़कर फंसे हुए 20 से अधिक छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। दुर्घटना के समय कई छात्र आग और भारी धुएं से बचने के लिए इमारत की ऊपरी मंजिलों से कूदा, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आईं। घायलों को किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
एक पीड़ित छात्र के बड़े भाई शकील अहमद ने बताया कि उनका छोटा भाई अंदर फंसा हुआ था और फोन पर उसने बताया था कि वह आग से बचने के लिए वॉशरूम की तरफ भाग रहा है। इस दौरान फोन संपर्क कट गया।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने मीडिया से कहा कि फायर ब्रिगेड ने सभी मंजिलों और कमरों की पूरी जांच की है। उन्होंने यह भी बताया कि वॉशरूम में कुछ छात्र फंसे हुए थे, जहां फायर ब्रिगेड ने प्रवेश किया और राहत अभियान तेज़ किया गया।
प्रशासन ने घटना के बाद तुरंत फर्स्ट-एड और मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम गठित की और छः एम्बुलेंस तैनात की हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि सीएम योगी घटना की हर घड़ी निगरानी कर रहे हैं और सभी स्तरों पर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित एवं प्रभावी बनाने के आदेश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य पूरी गंभीरता से और हर संभव संसाधनों के साथ जारी है ताकि फंसे हुए सभी छात्रों को बचाया जा सके और घायलों को उचित इलाज मिले। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों को भी अलर्ट पर रखा है और सुरक्षा व्यवस्था एवं अग्निशमन तैयारी को बेहतर बनाया गया है।
इस भयंकर हादसे ने पूरे शहर को शोक में डुबो दिया है। घटना के पीछे के कारणों की जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। प्रशासन एवं पंचायत भी शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता मुहैया कराते हुए राहत कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस बड़े हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को हर प्रकार की सहायता दी जाएगी और जल्द ही इस घटना की पूर्ण जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लखनऊ के लोग भी इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ सहानुभूति प्रकट कर रहे हैं और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

