क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने कहा है कि महत्वपूर्ण खनिजों के सहयोग को बैठक के शीर्ष एजेंडा में रखा गया है। उन्होंने इस सहयोग को विकसित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक विकास के लिहाज से अत्यंत आवश्यक है।
मोतेगी ने भारत में बेहतर अवसंरचना निर्माण और बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा की भी बात कही। उन्होंने कहा कि क्वाड के सदस्य देशों के बीच तकनीकी और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यह आवश्यक कदम है। उन्होंने भारत को इस दिशा में और प्रयास करने का आग्रह किया ताकि निवेश और नवाचार को बढ़ावा मिल सके।
जापानी विदेश मंत्री ने क्वाड की भूमिका को न केवल सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में बल्कि आर्थिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों के सहयोग से विश्वसनीय सप्लाई चेन स्थापित हो सकती हैं, जो खासकर महत्वपूर्ण खनिजों के लिए जरूरी हैं।
इसके अतिरिक्त, मोतेगी ने बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे तकनीकी विकास और साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों को सहयोग के नए आयाम तलाशने चाहिए ताकि क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके और वैश्विक मानकों के अनुरूप नियम विकसित हो सकें।
विदेश मंत्रियों की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्र में रणनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ रहे हैं। ऐसे में क्वाड की भूमिका और इसकी साख पर बहस भी हो रही है। मोतेगी के बयान से यह स्पष्ट होता है कि जापान क्वाड को एक शक्तिशाली और प्रभावी साझेदारी के रूप में देखता है जो क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए जरूरी है।
मोतेगी ने कहा कि क्वाड की सफलता सदस्य देशों के बीच विश्वास और सहयोग पर निर्भर करेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बैठक में खनिजों के सहयोग के साथ-साथ बौद्धिक संपदा अधिकारों, अवसंरचना विकास, और आर्थिक क्षेत्र में साझेदारी को लेकर ठोस निर्णय लिए जाएंगे।
क्वाड, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान, और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं, का उद्देश्य Indo-Pacific क्षेत्र में सैन्य-सामरिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत बनाना है। इस बैठक के परिणाम को क्षेत्रीय समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अंत में, तोशिमित्सु मोतेगी ने सभी सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे वैश्विक चुनौतियों के साथ मुकाबला करने के लिए क्वाड का समग्र विकास सुनिश्चित करें और इसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुकूल बनाएं।

