जम्मू-कश्मीर में ड्रग्स के खिलाफ जारी सख्त कदम के तहत Lieutenant Governor मनोज सिन्हा ने बताया कि प्रदेश में कुल 3,000 महिला समितियां बनाई गई हैं, जो नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और रोकथाम में अहम भूमिका निभा रही हैं। इन समितियों का उद्देश्य खासतौर पर युवा पीढ़ी को नशे के खतरे से अवगत कराना और इस महामारी को रोकना है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मादक पदार्थों के खिलाफ पिछले कुछ महीनों में 59 तस्करों को PIT और NDPS अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। साथ ही, अपराधियों के कालेधन से बने कुल 81 मादक पदार्थों के भुतहा महलों को पूरी तरह से ध्वस्त किया गया है। यह कार्रवाई न केवल नशे की तस्करी को रोकने में मददगार होगी, बल्कि क्षेत्र में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर भी रोक लगाएगी।
Lieutenant Governor ने कहा कि महिला समितियों का गठन स्थानीय समुदायों में नशे के खिलाफ भारी समर्थन पैदा कर रहा है। इन समितियों ने शिक्षा संस्थानों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर नशे से बचाव की महत्ता को लोगों तक पहुँचाने में प्रभावी योगदान दिया है। महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से यह सामाजिक अभियान ज्यादा मजबूती से फलीभूत हो रहा है।
इस पहल के तहत सरकार ने कई कार्यशालाएं, सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनमें विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन की भागीदारी रही है। इन कार्यक्रमों का मकसद नशे के दुष्परिणामों को उजागर करना तथा युवाओं को स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी और उपयोग के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति या समूह इस कार्य में संलिप्त पाया जाएगा, तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां निरंतर सतर्क हैं और सभी स्तरों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
माननीय Lieutenant Governor ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे मादक पदार्थों के खिलाफ इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें और समाज को नशे से मुक्त बनाने में सरकार का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति सिर्फ एक सरकारी प्रयास नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का दायित्व है। महिलाओं और युवाओं की भूमिका इस संघर्ष में निर्णायक साबित होगी।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा की जा रही इन पहलों से उम्मीद की जाती है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों के प्रचलन में भारी कमी आएगी और यहाँ का सामाजिक माहौल स्वस्थ और सुखद होगा। प्रदेश में कानून व्यवस्था को बनाये रखने और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम बेहद आवश्यक थे।

