जैसलमेर। राजस्थान के जैसलमेर जिले में आए भीषण तूफान और तेज बारिश ने विद्युत सेवा को भारी प्रभावित किया है। तूफान के कारण पूरे जिले में करीब 1500 बिजली के खंभे गिर गए हैं, जिससे लगभग 200 ग्रामीण क्षेत्र बिजली से वंचित हो गए हैं। इस विपदा की वजह से मोहनगढ़, चांधन, खुईयाला, सियाम्बर, सांगड़, चेलक, और पोलजी डेयरी सहित अनेक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है।
जैसलमेर के अधीक्षण अभियंता भैराराम चौधरी ने बताया कि सोमवार की रात आई इस जोरदार आंधी में बिजली के खंभे, तार और ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जोधपुर डिस्कॉम को मिले नुकसान का प्राथमिक आकलन करीब ढाई करोड़ रुपए का बताया जा रहा है। इससे पेयजल संकट भी गहरा गया है, क्योंकि बिजली न होने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित हुई है।
तूफान के प्रभाव से जिले के 33 केवी और 11 केवी की कई मुख्य लाइनें टूट गई हैं, जिससे विद्युत वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। ग्रामीण इलाकों में बिजली की स्थिर आपूर्ति के लिए जोधपुर डिस्कॉम की मरम्मत टीमें फीडरों को चालू करने में जुटी हुई हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता मुख्य फीडरों और हाई वोल्टेज लाइनों को ठीक करने की है ताकि जल्द से जल्द बिजली वितरण बहाल हो सके।
हालांकि, बिजली सेवा बहाल करने में अभी 24 से 48 घंटे और लग सकते हैं, क्योंकि प्रभावित इलाकों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद डिस्कॉम ने जिला के दूरस्थ गांवों में अधिक कर्मचारी और उपकरण भेजे हैं ताकि काम तेज़ी से हो सके। खंभे और तार टूटा होने के कारण लोगों से सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने तथा बिजली उपकरणों से दूर रहने की अपील भी की गई है।
विद्युत विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि सामान्य स्थिति जल्दी वापस लौटे और ग्रामीणों को फिर से निर्बाध बिजली मिले। उन्होंने लोगों से सहयोग और समझदारी से काम लेने की भी गुजारिश की है ताकि कोई दुर्घटना न हो। इस घटना ने यह पुनः प्रमाणित किया है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान तत्परता और शीघ्र कार्यवाही बहुत महत्वपूर्ण होती है।

