भोपाल। अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़े मामले की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भोपाल जिला अदालत में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कई गवाहों के बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी है। साथ ही, अदालत ने पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की सुरक्षा से जुड़ी मांग स्वीकार करते हुए उन्हें भोपाल सेंट्रल जेल में सुरक्षित सेल उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
ट्विशा शर्मा की रहस्यमय मौत ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। ऐसे में सीबीआई ने इस मामले की पूरी सच्चाई तक पहुंचने के लिए जांच को और व्यापक बनाने का फैसला किया है। अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव, जो दिवंगत अभिनेत्री के परिवार की पैरवी कर रहे हैं, ने बताया कि सीबीआई ने अपने आवेदन में खासतौर पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के करीबी रिश्तेदारों और मित्रों के बयान दर्ज करने की अनुमति मांगी है।
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी मामले की हर कड़ी को समझने के लिए उन लोगों के बयान लेना चाहती है जिनके पास इस घटना से जुड़े सीधे तथ्य हैं। इससे जांच में ज्यादा पारदर्शिता और विश्वसनीयता की उम्मीद है।
सीबीआई ने न्यायालय को सूचित किया है कि अभी तक जब्त सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को विशेष फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इन जाँच रिपोर्टों के आने के बाद जांच में और स्पष्टता आएगी।
अनुराग श्रीवास्तव ने यह भी बताया कि गवाहों और संबंधित पक्षों के बयान होने तथा दूसरे पोस्टमार्टम रिपोर्ट के प्राप्त होने के बाद जब आवश्यकता पड़ी तो सीबीआई आरोपित मां-बेटे से दोबारा पूछताछ के लिए उनकी हिरासत बढ़ाने की भी मांग कर सकती है।
अदालत में हुई सुनवाई में यह भी स्पष्ट हुआ कि अभी तक पुलिस रिमांड बढ़ाने की कोई मांग नहीं की गई है। अदालत ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
इसके साथ ही, गिरिबाला सिंह ने अपने सुरक्षा की मांग करते हुए बताया कि वह भोपाल जिले की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं, और कई ऐसे अपराधी जिन्हें उन्होंने सजा सुनाई थी, अब भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। इससे उन्हें अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर खतरा महसूस हो रहा है।
अदालत ने उनकी बात को संज्ञान में लेते हुए सीबीआई को निर्देश दिया कि जेल प्रशासन गिरिबाला सिंह को सुरक्षित स्थान और आवश्यक सुरक्षा मुहैया कराए। यह सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि उन्हें जेल के भीतर किसी भी संभावित खतरे से बचाया जा सके।
फिलहाल फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का इंतजार है। सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने और जरूरत पड़ने पर आरोपितों से पुनः पूछताछ के लिए अदालत से अनुमति ली जाएगी। तब तक गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे।
यह मामला ना केवल ट्विशा शर्मा के परिवार के लिए न्याय की अपेक्षा से जुड़ा है, बल्कि यह जांच का व्यापक पहलू भी सामने ला रहा है, जिसमें सभी तथ्य और गवाहों को सम्मिलित कर सच्चाई का पता लगाया जाएगा। स्थानीय जनता और प्रशासन की नजरें अब सीबीआई की अगली कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।

