नई दिल्ली। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस से केरल के एर्नाकुलम तक चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस में बर्तनों को गंदे तरीके से धोने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को नोटिस जारी कर मामले में स्पष्टीकरण तलब किया है।
एफएसएसएआई ने बताया कि ट्रेन संख्या 12223 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से एर्नाकुलम तक चलने वाली दुरंतो एक्सप्रेस में कैटरिंग कर्मचारी या ठेके पर नियुक्त स्टाफ को ट्रेन के टॉयलेट के अंदर बर्तन धोते हुए पाया गया है। यह घटना खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के मानकों का गंभीर उल्लंघन है और इससे यात्रियों की सेहत को खतरा हो सकता है।
प्राधिकरण ने कहा कि यदि यह आरोप सही साबित होते हैं तो ये कृत्य ‘खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण विनियम, 2011’ की अनुसूची 4 के तहत तय नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। विशेष रूप से, टॉयलेट जैसी अस्वच्छ जगह पर बर्तन धोना खाद्य प्रदूषण का मुख्य कारण बन सकता है, जो सुरक्षित खानपान के लिहाज से अत्यंत चिंताजनक विषय है।
एफएसएसएआई ने आईआरसीटीसी से तत्काल इस घटना की सही तथ्यात्मक जानकारी देने और पूरे मामले पर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत करने को कहा है। इसके अलावा, यह भी पूछा गया है कि जिन कैटरिंग सेवाओं को ठेके पर दिया गया है, वे वैध एफएसएसएआई लाइसेंस के तहत संचालित हो रही हैं या नहीं।
एफएसएसएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार ठेकेदारों और कर्मचारियों पर क्या सुधारात्मक उपाय किए गए हैं और उन्हें खाद्य सुरक्षा से जुड़ा कितना प्रशिक्षण और प्रमाणन प्राप्त है, इसकी जानकारी भी मांगी गई है।
प्राधिकरण ने आईआरसीटीसी को FOOD SAFETY नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस विषय को बेहद गंभीर बताते हुए शीघ्र जवाबी कार्रवाई की मांग की है ताकि यात्रियों को सुरक्षित एवं स्वच्छ खानपान सुनिश्चित किया जा सके।
रेलवे की कैटरिंग सेवाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर यह घटना एक गंभीर चेता देने वाली बात है, जिससे यात्रियों का भरोसा कमजोर हो सकता है। एफएसएसएआई का कदम सुनिश्चित करता है कि नियमों के पालन में कोई भी सख्ती न बरतनी पड़े और खानपान सुविधाएं पूरी तरह से स्वास्थ्य और स्वच्छता मानकों के अनुरूप प्रदान की जाएं।

