अहिल्यानगर। महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने पाकिस्तानी गैंगस्टरों से कथित संबंधों के आरोप में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है। बीते दिनों अहिल्यानगर जिले के विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर इन्हें पकड़ा गया। फिलहाल, इनके खिलाफ पूछताछ जारी है जिससे संबंधित सभी पहलुओं पर जांच हो सके।
महाराष्ट्र में एटीएस की यह कार्रवाई पिछले कई दिनों से चल रही है। जांच के दौरान पांच अलग-अलग जगहों पर छापे मारे गए। सूत्रों के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों का संबंध पाकिस्तानी गैंगस्टर राणा और भाटी से है, जिनके नेटवर्क की जांच एजेंसी कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन आरोपियों का इस आपराधिक साजिश में क्या रोल था और वे किस हद तक गैंगस्टरों के संपर्क में थे।
जांच के दौरान अहमदनगर जिले में ‘श्री राम संघ’ के अध्यक्ष सागर बेग को जान से मारने की धमकियां मिली थीं। इन धमकियों के पीछे राणा और भाटी का हाथ होने की आशंका जताई गई थी। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों की जांच को तेज कर दिया था जिससे गैंगस्टरों के संभावित स्थानीय संलग्नकों की पहचान की जा सके।
एटीएस को छापेमारी के दौरान ऐसे डिजिटल और संचार संबंधी प्रमाण मिले हैं जिनसे पता चलता है कि चारों गिरफ्तारी किए गए युवक राणा और भाटी के संपर्क में थे। कार्रवाई के बाद इन्हें हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ शुरू की गई है। अधिकारी हर पहलू की सही जानकारी प्राप्त करने में लगे हैं ताकि गैंगस्टरों के नेटवर्क को पूरी तरह समझा जा सके।
चारों संदिग्ध बुधवार से एटीएस की हिरासत में हैं। उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि उनकी भूमिका और गैंगस्टरों के साथ उनके संबंधों की गंभीरता को समझा जा सके। डिजिटल रिकॉर्ड, फोन संचार और तकनीकी सबूतों की भी गहन जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि ये युवक स्वतंत्र रूप से काम कर रहे थे या किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क का हिस्सा थे। जांच की यह प्रक्रिया जारी है और एजेंसी ने कई स्थानों पर छापों और सत्यापन का काम तेजी से बढ़ा दिया है।
एटीएस ने अब तक हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की है और औपचारिक गिरफ्तारी की घोषणा भी नहीं की गई है। जांच जारी है और एजेंसी भविष्य में और कार्रवाई कर सकती है।

