भारतमाला हाईवे मुआवजा घोटाले में ईडी ने चलाया सख्त अभियान, जयप्रकाश गांधी गिरफ्तार

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    रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतमाला हाईवे जमीन अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में प्रमुख आरोपी जयप्रकाश गांधी को गिरफ्तार कर बड़ा एक्शन लिया है। राजधानी रायपुर स्थित ईडी के जोनल ऑफिस ने अभनपुर निवासी गांधी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस मामले में हुई है जिसमें भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा परियोजना हेतु अधिग्रहित जमीन के मुआवजे में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और धोखाधड़ी की गई थी।

    ईडी की जांच छत्तीसगढ़ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) और ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में सामने आया है कि जयप्रकाश गांधी ने अपने परिवार की मिलीभगत से हाईवे अलाइनमेंट क्षेत्र में आने वाली जमीन को अवैध तरीके से अधिग्रहित किया। उन्होंने जमीन को 500 वर्ग मीटर से कम के छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित कर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से सामान्य से कहीं अधिक मुआवजा हड़पने की साजिश रची।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस धोखाधड़ी के तहत आरोपी एवं उसके परिवार ने कुल 56.76 लाख रुपए के बजाय लगभग 9.83 करोड़ रुपए मुआवजा हासिल किया, जो कि 9.27 करोड़ रुपए की अपराध से अर्जित संपत्ति बताई गई है। इस धनराशि को बाद में शेयरों, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश कर ठिकाने लगाने का प्रयास भी पाया गया।

    ईडी ने पहले ही 28 अप्रैल को रायपुर, अभनपुर और धमतरी के विभिन्न स्थानों पर तलाशी ऑपरेशन चलाकर मुआवजा धोखाधड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल साधन और अन्य साक्ष्य जब्त कर लिए थे। गिरफ्तार आरोपी को विशेष न्यायालय (पीएमएलए), रायपुर में पेश किया गया जहां उसे तीन दिनों के लिए ईडी हिरासत में भेजा गया है।

    ईडी इस मामले में अन्य आरोपितों, बिचौलियों और सरकारी कर्मचारियों की भी भूमिका का खुलासा करने की पूरी कोशिश कर रही है। जांच अभी जारी है और इस घोटाले के गहराई तक जाने की प्रक्रिया जारी है।

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