फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने भारत के विकास और नवाचार की क्षमता की सराहना करते हुए भारत को नवाचार का देश बताया। उन्होंने भारत में चल रहे ‘मेक इन इंडिया’ पहल का खुले दिल से समर्थन किया और कहा कि फ्रांस इस पहल का विभिन्न क्षेत्रों में हिस्सा रहा है।
भारत इनोवेट्स कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति मैक्रोन ने कहा, “हम ‘मेक इन इंडिया’ पहल का सम्मान करते हैं और फ्रांस विभिन्न सेक्टरों में इस पहल का अहम भाग रहा है। यह साझेदारी दोनों देशों के बीच मजबूत सहयोग की मिसाल है।”
उन्होंने यह भी बताया कि भारत और फ्रांस दोनों देशों के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग पिछले कुछ सालों में काफी गहरा हुआ है, जो दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। एआई, ग्रीन एनर्जी, और डिजिटल टेक्नोलॉजीज जैसे कई क्षेत्रों में फ्रांस भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है।
राष्ट्रपति मैक्रोन ने भारत को एक उभरती हुई ताकत बताया जो नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत में तीव्र आर्थिक विकास और तकनीकी प्रगति ने वैश्विक परिदृश्य में इसकी महत्ता बढ़ाई है।
उन्होंने यह भी जोडक़र कहा कि फ्रांस अपनी तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश के माध्यम से भारत की विकास यात्रा में सक्रिय सहयोगी बना रहेगा। मैक्रोन ने दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए नए अवसरों की खोज पर भी जोर दिया।
भारत इनोवेट्स कार्यक्रम अपने आप में नवाचार, स्टार्टअप्स और तकनीकी विकास को प्रोत्साहित करने का एक मंच है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की साख को बढ़ाने में मदद कर रहा है। इस समारोह में मैक्रोन की उपस्थिति से यह संदेश भी गया कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग, नवाचार और प्रगति की दिशा में निरंतर बढ़ रहा है।
इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले विभिन्न उद्योगपतियों और विशेषज्ञों ने भी मैक्रोन की बातों की पुष्टि की और कहा कि भारत में निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनने से दोनों देशों के मध्य आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग और ज्यादा मजबूत होगा।
कुल मिलाकर, फ्रांस के राष्ट्रपति का यह संदेश भारत में नवाचार और उद्यमशीलता को वैश्विक मान्यता देने वाला एक महत्वपूर्ण संकेत है, जो आने वाले वर्षों में दोनों देशों के बीच साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

