पुडुचेरी में राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है, जहां कांग्रेस ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रंगसामी से आग्रह किया है कि वे तामिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़े रुख और मदिरा दुकानों के बंदी के फैसले का अनुसरण करें। कांग्रेस का कहना है कि भ्रष्टाचार और मदिरा दुकानें बंद करना सामाजिक और प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक आवश्यक कदम है, जिसे पूरी ईमानदारी और संकल्प के साथ लागू किया जाना चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तामिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की भ्रष्टाचार के खिलाफ नीति और मदिरा दुकानों को क्रमिक रूप से बंद करने की पहल ने जनता के बीच उम्मीद जगी है और इसे एक सकारात्मक उदाहरण मानना चाहिए। उनके अनुसार, यदि प्रत्येक राज्य इस दिशा में ठोस कदम उठाएगा तो भ्रष्टाचार की जड़ें कमज़ोर होंगी और सामाजिक संरचना मजबूत बनेगी।
साथ ही, कांग्रेस ने पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी रंगसामी से अपील की है कि वे इस दिशा में तत्परता दिखाएं और तामिलनाडु की तरह ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाएं। उन्होंने यह भी कहा कि मदिरा दुकानों को बंद करने से युवा वर्ग और समाज को बड़ा लाभ होगा क्योंकि इससे न केवल सामाजिक कुप्रथाएं समाप्त होंगी, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी सुधार आएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अपील के पीछे कांग्रेस का मकसद पुडुचेरी की सत्ता में वापसी की रणनीति को मजबूत करना है। लेकिन, इस मुद्दे की गंभीरता को नकारा नहीं जा सकता। भ्रष्टाचार और शराब की दुकानों को लेकर समाज में व्यापक चर्चा और मांगें हैं।
समाप्त करते हुए, कांग्रेस ने यह दोहराया कि भ्रष्टाचार और मदिरा दुकानों की बंदी केवल प्रशासन का मामला नहीं बल्कि जनता का हित संपन्न सामाजिक सुधार है। इसे लागू करने में पारदर्शिता और कड़ाई आवश्यक है ताकि जनता का विश्वास कायम रहे और एक नया साफ-सुथरा समाज विकसित हो सके।

