मठ में हड़कंप: सोते समय महंत पर चाकू से हमला, मौके पर मौत, पुलिस जांच तेज

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    कोटा। राजस्थान के कोटा जिले के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में चंद्रसाल मठ के महंत देवानंद महाराज की हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने साधु-संतों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। मृत महंत के शव को मृत्युपरांत पुलिस कार्रवाई पूरी होने तक उठाने से मना कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के लिए घटना स्थल पर पूरी तरह जुट गए हैं।

    जानकारी के अनुसार, देवानंद महाराज का धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला देर रात हुआ जब वे मठ में सो रहे थे। स्थानीय ग्रामीणों ने महंत को गंभीर हालत में पाया और तुरंत उन्हें एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि घटना के पीछे मठ में आपसी विवाद हो सकता है।

    महंत देवानंद महाराज मायापुरी अखाड़े के प्रमुख थे और सवाई माधोपुर जिले के रजवाना के रहने वाले थे। वे लगभग चार वर्ष से कोटा के चंद्रसाल मठ में रह रहे थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुभाष मिश्रा ने बताया कि मृतक के ऊपर धारदार हथियार से हमला हुआ है। प्रथम दृष्टया मामला मठ के अंदर पदों और जमीन से जुड़ी सत्ता-संघर्ष से जुड़ा लग रहा है। उन्होंने कहा कि कई एंगल से जांच की जा रही है तथा जल्द ही अपराधियों को सजा दिलाई जाएगी।

    1100 वर्षों से स्थापित इस प्राचीन मठ में इस प्रकार की हिंसा देख सभी संत और हिंदू संगठनों में रोष है। उन्होंने अपराधियों की गिरफ्तारी तक शव को शव गृह से उठाने से मना कर दिया है। एक महंत ने कहा कि मठ में महात्मा का बलात्कारपूर्ण निधन हुआ है। जब तक दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

    इस बीच, पूर्व विधायक प्रह्लाद गुंजल ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस का काम केवल चालान काटने तक सीमित रह गया है, जबकि व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। उन्होंने तेजी से कार्रवाई का आह्वान किया है ताकि लोगों का विश्वास सिस्टम पर बना रहे।

    यह दुखद घटना मठ और आसपास के इलाके में शांति व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और हर संभावित सुराग पर त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि जनसामान्य से अनुरोध है कि वे अपनी सुरक्षा में सावधानी बरतें और पुलिस के साथ सहयोग करें।

    मठ की प्रभावशाली जमीन और पदाधिकारियों के बीच पैदा हुए इस विवाद के कारण तनाव चरम पर पहुँच गया है। मामले की जांच में जल्द ही नए तथ्य सामने आने की उम्मीद है जो इस कुत्सित अपराध के पीछे के उद्देश्यों को उजागर करेंगे। पुलिस ने जनता से शांत रहने का आग्रह किया है और आश्वासन दिया है कि दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।

    यह घटना स्थानीय लोगों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, जहां धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन ने सभी साधुओं-संतों से संयम बरतने और मामले को न्यायिक प्रक्रिया के हवाले करने का निवेदन किया है। हालांकि पूरी घटना ने इलाके में मातम और सुरक्षा की चुनौतियां दोनों ही बढ़ा दी हैं।

    आगे की जांच जारी है और मामले में पुलिस द्वारा साझा की जाने वाली किसी भी जानकारी को गंभीरता से लिया जाएगा। कोटा जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा भी इस कड़ी में एक जरूरी कदम माना जा रहा है।

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