महाराष्ट्र पुलिस ने युवती को मृत समझा, मध्य प्रदेश में जीवित मिलने पर हत्या के मामले में उठा बड़ा कदम

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    बुरहानपुर। एक हैरान करने वाली घटना में महाराष्ट्र की जलगांव पुलिस ने एक 26 वर्षीय युवती शिवानी को मृत समझ कर उसके पिता और भाई पर हत्या का आरोप लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन मामला बदल गया जब शिवानी मध्य प्रदेश में जिंदा मिली। इस कांड ने दोनों राज्यों की पुलिस व्यवस्था और जांच प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष बागड़ी ने बताया कि शिवानी और अरुण के लापता होने की शिकायतें उनके परिवार वालों ने क्रमशः 1 मई और 9 मई को खाकनार पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थीं। इसके बाद शिवानी के परिवार में चिंता का माहौल फैल गया।

    महाराष्ट्र के जलगांव पुलिस क्षेत्र में एक अज्ञात युवती का बिना सिर वाला और आंशिक रूप से जल चुका शव मिला, जिसकी उम्र लगभग शिवानी जितनी बताई गई। पुलिस ने किसी जांच-पड़ताल के बिना ही इस शव की पहचान शिवानी के रूप में कर दी। इस पर हत्या का मामला दर्ज कर शिवानी के पिता बापूराम कालमेकर और भाई अजय कालमेकर को गिरफ्तार किया गया।

    एसपी बागड़ी ने मीडिया को बताया कि बाद में जब शिवानी और अरुण मध्य प्रदेश में एक साथ जिंदा मिले, तब इस मामले में बड़ा उथल-पुथल मची। शिवानी ने पुलिस के सामने यह स्पष्ट किया कि उसके पिता और भाई निर्दोष हैं और उनको बिना जांच-पड़ताल के गिरफ्तारी के कारण रिहा किया जाना चाहिए। यह घटना पुलिस की जांच प्रक्रिया की गंभीर कमियों को उजागर करती है।

    पुलिस ने बताया कि शिवानी की बायोमेट्रिक जांच के जरिए इसकी पुष्टि की गई कि वह वही व्यक्ति है जिसके लापता होने की शिकायत दर्ज थी। बहरहाल, इस मामले ने साबित कर दिया कि बिना पर्याप्त प्रमाण के किसी आरोपी को अपराधी मान लेना कितनी बड़ी भूल हो सकती है। इसकी जांच के लिए महाराष्ट्र पुलिस को सूचित कर दिया गया है और शिवानी को उनकी कस्टडी में सौंप दिया गया है।

    एसपी बागड़ी ने कहा, “यह एक विरोधाभासी स्थिति है कि महाराष्ट्र में हत्या का मामला दर्ज होने के बाद हम शिवानी को यहाँ जीवित पा रहे हैं। इस पर आगे की जांच की जाएगी ताकि दोषियों की सही पहचान हो सके और पुलिस की जांच प्रणाली मजबूत बन सके।”

    यह मामला पुलिस व्यवस्था में गुणवत्ता और जांच प्रक्रियाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल देता है, ताकि ऐसी अनठिक स्थिति पुनः न उत्पन्न हो।

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