मुंबई के बांद्रा में अतिक्रमण हटाने का अभियान सफलतापूर्वक पूरा, रेलवे ने इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए भूमि खाली की

Rashtrabaan

    मुंबई। मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास स्थित गरीब नगर इलाके में पश्चिम रेलवे द्वारा पांच दिनों तक चलाया गया अतिक्रमण हटाने का अभियान पूरी तरह समाप्त हो गया है। इस अभियान के दौरान रेलवे प्रशासन ने सभी अवैध झुग्गियों और निर्माणों को ध्वस्त कर इलाके को साफ़ किया। शनिवार को अतिक्रमण हटाने के बाद मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया है।

    पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में अधिकांश अवैध ढांचे गिरा दिए गए, लेकिन सुरक्षा कारणों से इलाके में मौजूद लगभग 100 अधिकृत मकानों के ग्राउंड फ्लोर को नहीं छुआ गया। हालांकि उन मकानों पर बने अवैध ऊपरी हिस्सों को हटाया गया।

    यह कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रही। विशेषकर एक धार्मिक स्थल को हटाने की कोशिश के दौरान स्थानीय लोगों का विरोध भड़क उठा और उन्होंने पुलिस व रेलवे कर्मचारियों पर पथराव कर दिया। पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें कई पुलिसकर्मी और नागरिक चोटिल हुए। हालांकि, भारी पुलिस बल और सुरक्षा व्यवस्थाओं की वजह से स्थिति जल्दी काबू में आ गई और बड़े तनाव को टाला गया।

    पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, विनीत अभिषेक ने बताया कि उक्त एक अलग घटना को छोड़कर बाकि अभियान पूरी तरह शांति के साथ पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने का कार्य 100 प्रतिशत सम्पन्न हो चुका है और अब मलबा हटाने का कार्य तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही पुनः अतिक्रमण रोकने के लिए इलाके में सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है।

    रेलवे प्रशासन के अनुसार, अतिक्रमण हटने के बाद बांद्रा स्टेशन क्षेत्र काफी खुला नजर आने लगा है, जिससे यात्रियों की आवाजाही आसान होगी। इसी भूमि का उपयोग करके रेलवे यहां बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार करना चाहता है।

    आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि नए योजनाबद्ध लेआउट के अंतर्गत स्टेशन के प्रवेश और निकास मार्गों को बेहतर तरीके से विकसित किया जाएगा ताकि यात्रियों को भीड़भाड़ से निजात मिले। इलाके को भविष्य की बढ़ती आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा।

    रेलवे के लिए यह भूमि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। लंबे समय से फैले अतिक्रमण हटने के साथ ही रेलवे लाइनों का विस्तार करना और नई ट्रेन सेवाओं का संचालन करना अब आसान हो जाएगा।

    रेलवे की योजना है कि सांताक्रूज से मुंबई सेंट्रल कॉरिडोर के बीच पांचवीं और छठी रेलवे लाइन विकसित की जाएंगी, जिससे लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन में स्पष्ट विभाजन होगा और लोकल ट्रेनों की समयपालन में सुधार संभव होगा।

    अधिकारियों ने कहा कि खाली हुई जमीन की सहायता से बांद्रा टर्मिनस और उपनगरीय स्टेशन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी। इससे करीब 50 नई लंबी दूरी की ट्रेनों को भविष्य में शुरू किया जा सकेगा।

    यह क्षेत्र बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के करीब है, जहां मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन स्टेशन सहित कई बड़े प्रोजेक्ट प्रगति पर हैं। इसलिए यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई मुंबई की यातायात व्यवस्था एवं रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।

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