मैंने राज्यसभा में जनसांख्यिकीय बदलाव का मुद्दा उठाया था, अब चर्चा में आना संतोषजनक है: दिनेश शर्मा

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    लखनऊ। भाजपा के वरिष्ठ सांसद दिनेश शर्मा ने जनसांख्यिकीय बदलाव के मुद्दे पर अपनी सक्रिय भूमिका पर संतोष जाहिर किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने राज्यसभा में इस गंभीर विषय को पहली बार उठाया था, जिससे यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया।

    दैनिक संवाददाता से बातचीत में दिनेश शर्मा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री का यह कदम न केवल समय पर था, बल्कि देश की सामाजिक और राजनीतिक स्थिरता हेतु भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश प्रकाश प्रभाकर नावलेकर की अध्यक्षता में जनसांख्यिकीय बदलावों पर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का उद्देश्य भारत के विभिन्न हिस्सों में अवैध प्रवासन और अन्य अप्राकृतिक कारणों से हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का कठोर मूल्यांकन करना है। यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर जनसांख्यिकीय संतुलन बनाने में मदद करेगा।

    दिनेश शर्मा ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक निर्णय है जिसका राजनीति से ऊपर रहकर स्वागत किया जाना चाहिए। इससे देश को लंबी अवधि में सामाजिक समरसता और विकास में सहायता मिलेगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय पर राजनीतिक हस्तक्षेप न हो और यह केवल देशहित में हो रही कार्रवाई है।

    कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर कड़ी आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भ्रष्टाचार चरम पर है और पिछले मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़े मामलों में घोटाले रोके नहीं गए हैं। उन्होंने कहा, “डी. शिवकुमार के नेतृत्व में भ्रष्टाचार की जांच पुलिस और प्रशासन के नियंत्रण से बाहर होगी।”

    ताजमहल के अंदर कथित कीर्तन की घटना पर बात करते हुए दिनेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि देशवासियों को अफवाहों से बचना चाहिए और सरकार द्वारा संरक्षित स्मारकों की देखभाल को लेकर विश्वास बनाए रखना चाहिए।

    उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने अपने राष्ट्रीय स्मारकों के संरक्षण में हमेशा तत्परता दिखाई है और किसी भी तरह की नकारात्मक खबरों को बिना सत्यापन के फैलाने से बचना चाहिए।”

    सुप्रीम कोर्ट के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी फैसले को लेकर उन्होंने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि अदालत ने निर्णय देकर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता तथा संवैधानिक मापदंडों को सुरक्षित रखा है। उन्होंने कहा, “अब विपक्षी दलों को यह समझना चाहिए और बिना आधार के आरोप-प्रत्यारोप करना बंद करना चाहिए।”

    दिनेश शर्मा ने कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और स्वायत्तता ही देश के लोकतंत्र की मजबूत नींव है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकलुभावन और भ्रामक प्रचार से दूर रहने और संविधान का सम्मान करने की अपील की।

    इस पूरी प्रक्रिया और फैसले से देश को लाभ होगा और समग्र विकास के रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी इस तरह के राष्ट्रीय महत्व के विषयों को संसद में उठाते रहेंगे ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके और सभी वर्गों के हित सरलता से सुरक्षित रहें।

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