जयपुर। राजस्थान सरकार ने संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य पुलिस द्वारा 636 अपराधियों की 220 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य की अवैध संपत्तियों को जब्त करने की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। यह कदम मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के प्रावधानों के तहत उठाया गया है, जिससे अपराध और उसके वित्तीय डेटा को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।
अब तक 13 मामलों में लगभग 32 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियों का कब्जा पुलिस ने कर लिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्पष्ट कहा कि अपराधियों को सिर्फ अदालतों में जेल भेजना ही नहीं, बल्कि अपराध से अर्जित सम्पत्तियों को भी छिनना सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार की यह नीति अपराध के प्रति पूरी तरह ‘जीरो टॉलरेंस’ की है, जो अवैध संपत्ति जब्ती को भी अति महत्वपूर्ण मानती है।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने बताया कि 636 शातिर अपराधियों की चल-अचल संपत्तियों की पहचान की गई है, जिन पर अपराध के जरिए कब्जा होने का संदेह है। इनमें से 584 मामलों में न्यायालयों में प्रभावी कार्रवाई हेतु आवेदन दाखिल किए गए हैं। इनमें से 182 मामलों में अदालतों ने नोटिस जारी कर प्रतिवाद पक्ष को सूचना दे दी है, जिससे संपत्ति जब्ती की प्रक्रिया शीघ्र आगे बढ़ रही है।
इस अभियान की सफलता की मिसाल बूंदी जिले में मिली है, जहां एक ही मामले में लगभग 12 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त करने का आदेश प्राप्त हुआ। यह इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माणों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। 1 जनवरी से 28 मई 2026 के बीच 39 बुलडोजर कैंपेन में लगभग 35.10 करोड़ रुपए मूल्य की अवैध संपत्तियां ध्वस्त की गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा कार्रवाई झालावाड़ जिले में हुई है, जहां 12 बुलडोजर अभियान के दौरान करीब 22.90 करोड़ रुपए की अवैध संपत्तियों को हटाया गया।
मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ भी राज्य सरकार ने विशेष पहल की है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने जनवरी से अप्रैल 2026 तक 36 तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमें दर्ज किए हैं। इनमें से 28 तस्करों की अवैध संपत्तियों को जब्त करने के प्रस्ताव मंजूर हो चुके हैं और लगभग 33 करोड़ रुपए के गुण जब्ती की प्रक्रिया में हैं।
डीजीपी ने कहा कि जुलाई 2024 से लागू बीएनएसएस की धारा 107 सरकार के इस अभियान में एक प्रभावशाली हथियार साबित हो रही है, जिसने अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने में अहम भूमिका निभाई है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को अवैध संपत्तियों की पहचान, कुर्की और जब्ती के लिए विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है, जिससे कार्रवाई प्रभावी और त्वरित हो सकें।

