सहारनपुर। स्वच्छता और बेहतर कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए अब सहारनपुर के घरों में हरे और नीले के साथ-साथ लाल और काले रंग के डस्टबिन का भी उपयोग अनिवार्य कर दिया गया है। भारत सरकार द्वारा अधिसूचित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 में संशोधन के अनुसार प्रत्येक परिवार को कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करना आवश्यक होगा।
इस पहल के तहत सहारनपुर नगर निगम ने आईटीसी मिशन सुनहरा कल और उमंग सुनहरा कल की मदद से एक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इस अभियान में चार डस्टबिन आधारित कचरा पृथक्करण को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता स्टिकर का लोकार्पण भी किया गया, जिन्हें शहर के हर घर की रसोई में लगाया जाएगा।
किचन में लगाए जाएंगे विशेष जागरूकता स्टिकर
इस कार्यक्रम में अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह और पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने संयुक्त रूप से जागरूकता स्टिकर का अनावरण किया। अपर नगर आयुक्त मृत्युंजय ने बताया कि ये स्टिकर चारों रंगों के डस्टबिन और उनमें डाले जाने वाले कचरे के बारे में विस्तार से जानकारी देते हैं। यह पहल नागरिकों को उनके घरों में ही कचरे के पृथक्करण के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास है, जिससे कचरा निस्तारण अधिक प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल बन सके।
किस डस्टबिन में जाएगा कौन सा कचरा?
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह ने आगे बताया कि नए नियमों के अंतर्गत कचरे का वर्गीकरण इस प्रकार होगा:
- हरा डस्टबिन: फल-सब्जियों के छिलके, सड़े-गले फल, बगीचे का कचरा और अन्य जैविक अपशिष्ट।
- नीला डस्टबिन: कागज, गत्ता, प्लास्टिक, पैकेजिंग सामग्री और अन्य पुनर्चक्रण योग्य वस्तुएं।
- लाल डस्टबिन: मास्क, दस्ताने, सैनिटरी पैड, नैपकिन, डायपर और अन्य स्वच्छता संबंधी अपशिष्ट।
- काला डस्टबिन: बैटरी, पेंट, रसायन, इलेक्ट्रॉनिक कचरा एवं अन्य घरेलू खतरनाक अपशिष्ट।
उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे इस चार डस्टबिन प्रणाली को अपनाएं और अपने शहर को साफ-सुथरा और स्वस्थ बनाने में सहयोग करें।
स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल सहारनपुर बनाने की पहल
पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने इस व्यवस्था की महत्ता बताते हुए कहा कि इससे लोगों में स्रोत स्तर पर कचरा पृथक्करण की आदत विकसित होगी। इस प्रक्रिया से गीले, सूखे और खतरनाक कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान संभव होगा, जो पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार में भी मददगार साबित होगा।
उन्होंने बताया कि नगर निगम की यह पहल स्वच्छ सहारनपुर के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। कार्यक्रम का संचालन उमंग सुनहरा कल के प्रबंधक मयंक पांडेय ने किया।

