पश्चिम बंगाल में रेलवे विकास को नई गति देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। सुवेंदु अधिकारी ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि केंद्रीय और राज्य सरकार के सहयोग से राज्य के हर जिले को रेल संपर्क से जोड़ना प्राथमिकता है। इस पहल से न केवल यातायात सुगमता बढ़ेगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नया आयाम मिलेगा।
अधिकारी ने बताया कि ₹1 लाख करोड़ की योजना के तहत प्रदेश में नई रेलवे परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। यह योजना बंगाल के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के लिए लाभकारी साबित होगी। इससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि तो होगी ही, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती भी मिलेगी।
रेलवे अवसंरचना के विस्तार से व्यापार परिवहन में सुधार होगा और यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराए जाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। अधिकारी ने कहा कि सशक्त रेलवे नेटवर्क से राज्य के लोग बेहतर संपर्क साध सकेंगे और पर्यटन उद्योग को भी नई ऊँचाइयाँ प्राप्त होंगी।
उन्होंने आगे कहा कि रेलवे विकास के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में सभी स्तरों पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि परियोजना समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
पश्चिम बंगाल की भौगोलिक विविधता को देखते हुए रेलवे विस्तार कलात्मक रूप से योजना बनाई जाएगी, जिससे न सिर्फ बड़े शहर जुड़े, बल्कि दूरदराज के इलाकों में भी संचार सुगमता बढ़े। अधिकारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि राज्य का प्रत्येक नगर एवं गाँव रेलवे नेटवर्क से लाभान्वित हो, इससे लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।”
इस व्यापक रेलवे विकास योजना के तहत नई लाइनें, स्टेशन का उन्नयन, और आधुनिक तकनीक के आधार पर यातायात प्रबंधन शामिल होगा। यह योजना सिर्फ परिवहन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि राज्य की समग्र विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
सुवेंदु अधिकारी ने अपील की कि सभी संबंधित पक्ष मिलकर इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाएं, ताकि पश्चिम बंगाल रेलवे के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सके। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से बंगाल का रेलवे ढांचा आधुनिक, सुलभ और विश्वसनीय होगा।

