पुतिन ने कहा यूक्रेन युद्ध अपने अंत की ओर, कीव का समर्थन करने वाले पश्चिम आलोचना के घेरे में

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    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के संबंध में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने पश्चिमी देशों पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि कीव का समर्थन करना युद्ध की स्थिति को और जटिल बना रहा है। पुतिन ने इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया कि वे यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की से केवल उस समय मुलाकात करेंगे जब संभावित शांति समझौते की सभी शर्तें पूरी तरह से निर्धारित हो जाएं।

    पुतिन ने कहा कि शांति वार्ता के लिए एक तीसरे देश में मुलाकात की योजना तभी लागू हो सकती है जब दोनों पक्षों के बीच जरूरी शर्तें पूरी हो जाएंगी। इस बयान का मतलब यह है कि फिलहाल युद्ध के समाप्ति के लिए आवश्यक सहमति स्थापित नहीं हो पाई है। पुतिन ने पश्चिमी देशों पर आरोप लगाया कि वे यूक्रेन को हथियार और आर्थिक संसाधन प्रदान करके संघर्ष को लंबा खींच रहे हैं, जो न केवल क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा है बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी चिंता का विषय है।

    युद्ध के चलते क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है और लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं। पुतिन के इस बयान के बाद दुनिया भर की राजनीतिक समीक्षकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसका अध्ययन शुरू कर दिया है कि क्या वास्तव में रूस शांति की ओर कदम बढ़ा रहा है या यह केवल रणनीतिक बयानों की श्रृंखला है।

    पश्चिमी देशों ने पुतिन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शांति वार्ता तभी सफल हो सकती है जब रूस युद्ध विराम का सम्मान करे और यूक्रेन की संप्रभुता का सम्मान किया जाए। कीव सरकार ने बार-बार इससे पहले यह स्पष्ट कर दिया है कि बिना पूर्ण और स्थायी लड़ाई बंदी के कोई भी वार्ता सार्थक नहीं हो सकती।

    विशेषज्ञों का मानना है कि पुतिन का यह बयान आगामी कूटनीतिक गतिविधियों का संकेत हो सकता है, लेकिन साथ ही यह भी देखा जाना है कि रूस की जमीन पर क्या वास्तविक कदम उठाए जाएंगे। शांति प्रक्रिया के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति कायम हो सके और संघर्ष के कारण उत्पन्न मानवीय संकट को समाप्त किया जा सके।

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