टविशा शर्मा मौत: पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को अंतिम नोटिस जारी, बयान दर्ज करने के लिए कहा गया

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    टविशा शर्मा के परिवार के वकील अंकुर पांडेय ने बताया कि मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के जबलपुर स्थित प्रिंसिपल बेंच के समक्ष एक याचिका दायर की गई है, जिसमें गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत प्रदान किए जाने की चुनौती दी गई है। इस याचिका के माध्यम से परिवार यह सुनिश्चित करना चाह रहा है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो।

    परिवार का मानना है कि गिरिबाला सिंह, जो कि इस मामले में एक पूर्व न्यायाधीश हैं, उनके बयान दर्ज होना बेहद आवश्यक है ताकि वास्तविक तथ्यों का पता लगाया जा सके। अंकुर पांडेय ने कहा कि उनके क्लाइंट、この मामले में न्याय की दिशा में हर संभव प्रयास कर रहे हैं। बिना स्पष्ट और सत्यापित बयानों के मामले की गहराई तक जाना संभव नहीं होगा।

    यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि न्यायालय ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत प्रदान की है, जो परिवार के लिए असंतोषजनक साबित हुई है। याचिका में यह तर्क रखा गया है कि अग्रिम जमानत मिलने से मामले में महत्वपूर्ण सबूतों के साथ निपटने में बाधा आ सकती है।

    टविशा शर्मा के निधन के बाद से यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है और समाज के कई वर्ग इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। न्यायालय की कार्रवाई को लेकर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे इस तरह के संवेदनशील मामलों में न्याय प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है।

    परिवार की ओर से कहा गया है कि वे न्यायालय के फैसले का सम्मान करेंगे, लेकिन साथ ही यह भी चाहते हैं कि इस मामले में हर पहलू को उचित तरीके से जांचा जाए। उन्होंने न्यायपालिका से आग्रह किया है कि इस मामले में शीघ्र और निष्पक्ष hearing सुनिश्चित की जाए जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

    मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के प्रिंसिपल बेंच की अगली सुनवाई कब होगी, इस पर सभी की निगाहें बनी हुई हैं क्योंकि यह सुनवाई इस मामले की दिशा तय कर सकती है। न्यायपालिका के फैसले से स्पष्ट होगा कि कर्तव्यपथ पर चलती न्याय व्यवस्था इस गंभीर मुद्दे में कितनी पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रख पाती है। इस बीच टविशा शर्मा के परिवार और उनके समर्थकों का न्याय के प्रति विश्वास बना हुआ है और वे न्याय प्राप्ति तक संघर्ष जारी रखने की बात कर रहे हैं।

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