माही बाईपास के निर्माण के बाद से इस क्षेत्र में यातायात के नए अवसर खुले हैं, जिससे यहां की सर्विस रोड पर पेट्रोल पंप और शराब की दुकानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इन सुविधाओं का मुख्य उद्देश्य उन यात्रियों की जरूरतों को पूरा करना है जो सस्ते ईंधन और शराब की तलाश में माही की ओर आते हैं।
माही महाराष्ट्र और केरल की सीमाओं के बीच स्थित एक छोटा लेकिन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां कुछ वस्तुओं की कीमतें केरल की तुलना में काफी कम हैं। खासतौर पर ईंधन और शराब के दाम माही में किफायती पाए जाते हैं, इसलिए केरल के वाहन चालक और यात्री यहां आकर इन वस्तुओं की खरीदारी करना पसंद करते हैं।
माही बाईपास के खुलने के बाद से ही यहां की सर्विस रोड पर पेट्रोल पंपों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इससे स्थानीय व्यापारियों को फायदा हुआ है जबकि कुछ केरल के अधिकारियों और प्रशासन के बीच राजस्व में कमी की चिंता भी उत्पन्न हुई है। क्योंकि अधिकतर वाहन चालक माही में जाकर सस्ता ईंधन भर लेते हैं, जिससे केरल को अपेक्षित टैक्स और राजस्व प्राप्त नहीं हो पा रहा है।
शराब की दुकानों की भी संख्या बढ़ने से माही में शराब की बिक्री में वृद्धि देखी गई है। यह क्षेत्र उन लोगों के लिए विशेष आकर्षण बन गया है जो केरल में तुलना में सस्ते दामों पर शराब खरीदना चाहते हैं। हालांकि इस स्थिति ने स्थानीय सुरक्षा और परिवहन विभाग की भी चिंताएं बढ़ा दी हैं, खासतौर पर शराब के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और अन्य सामाजिक समस्याओं को लेकर।
केरल प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए माही सीमा पर कड़ी निगरानी बढ़ा दी है। वहां ड्राइवरों के ईंधन भरने के प्रमाण और शराब की खरीद पर नज़र रखी जा रही है ताकि राजस्व की हानि को कम किया जा सके। इसके साथ ही, स्थानीय व्यापार के फायदे और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संतुलित नीति बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि माही बाईपास की सुविधा ने यात्री और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है, लेकिन इसके साथ ही सीमापार की इन खरीदारी गतिविधियों का प्रभाव केरल की आर्थिक संरचना पर पड़ रहा है। आने वाले समय में प्रशासन को दोनों राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और उचित योजनाएं बनानी होंगी ताकि सभी पक्षों का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।

