महाराष्ट्र के वाशिम जिले में कारंजा-मूर्तिजापुर रोड पर तक्षशिला महाविद्यालय के पास एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वर्धा जिले की ओर डीजल लेकर जा रहा टैंकर नियंत्रण खो बैठा और पलट गया। इस दुर्घटना में ड्राइवर टैंकर की केबिन के नीचे फंस गया था, जिससे उसकी जान बचाना चुनौतीपूर्ण हो गया।
टैंकर से लगातार डीजल लीक हो रहा था, जिससे विस्फोट का खतरा मंडरा रहा था। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल एवं ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। क्रेन की सहायता से लगभग 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद ड्राइवर को सुरक्षित निकाला गया और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान आसपास के इलाकों में आग लगने के भय को ध्यान में रखते हुए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई।
पुलिस ने दुर्घटना वाले मार्ग से टैंकर को हटवा कर यातायात बहाल कर दिया है। फिलहाल ड्राइवर की स्थिति स्थिर बताई जा रही है जबकि टैंकर के मालिक से संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि समय रहते पेश आकर ड्राइवर को सुरक्षित बचा लिया गया और टैंकर से डीजल रिसाव को भी रोक दिया गया है।
यह दुर्घटना इस बात की याद दिलाती है कि बड़े वाहनों और खतरनाक सामान के परिवहन में सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। इसी प्रकार, बीते 1 मई को बिहार के मोतिहारी में भी एक तेल से भरे टैंकर के पलटने की घटना सामने आई थी, जहां स्थानीय लोगों द्वारा तेल निकालने के प्रयासों के कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया था। पुलिस ने समय रहते नियंत्रण कर स्थिति संभाली थी।
इस घटना से स्पष्ट होता है कि सड़क सुरक्षा और आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण आवश्यक है ताकि ऐसे खतरनाक हादसे रोकने में मदद मिल सके और जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सके। प्रशासन एवं स्थानीय निवासी इस दिशा में समन्वित प्रयास करें तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।

