लखनऊ में लेखपाल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की

Rashtrabaan

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) द्वारा 21 मई को राज्यभर में लेखपाल मुख्य भर्ती परीक्षा का सफल आयोजन किया गया। परीक्षा के बाद कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लेखपाल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक होने की अफवाहें तेजी से फैलने लगीं, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस विभाग में चिंता की लहर दौड़ गई।

    सोशल मीडिया पर फैल रही इन अफवाहों को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ के विभूतिखंड थाने में उक्त अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने मामले की विस्तार से जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है, जिसमें डीसीपी पूर्वी, एडीसीपी और एसीपी शामिल हैं जो इस संवेदनशील मामले की छानबीन कर रहे हैं।

    उत्तर प्रदेश के 44 जिलों में फैले 861 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक बिना किसी रुकावट के सम्पन्न हुई। यूपीएसएसएससी ने घोषित किया कि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की गई, किसी प्रकार की धोखाधड़ी की खबर मनगढ़ंत और निराधार है।

    उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नौ केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 3,792 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी। इस दौरान कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए ताकि किसी भी तरह की नकल या अनुचित गतिविधि को रोका जा सके। इसके तहत बायोमेट्रिक सत्यापन का कानूनन पालन किया गया और हर उम्मीदवार को जांच के बाद ही प्रवेश दिया गया।

    प्रयागराज और अन्य जिलों में भी बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की व्यवस्था के साथ कड़ी जांच की गई। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि परीक्षा केंद्रों में केवल वही उम्मीदवार मौजूद रहें जो योग्य और पंजीकृत हैं। एक उम्मीदवार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था बहुत अच्छी और सुव्यवस्थित थी, जिससे छात्रों को परीक्षा में कोई परेशानी नहीं हुई।

    कानपुर के अभ्यर्थी शौर्य ने परीक्षाफल की गुणवत्ता के बारे में कहा कि इस साल का प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का था। उन्होंने बताया कि पर्यावरण सम्बंधित प्रश्न थोड़े कठिन थे, जबकि सामान्य ज्ञान, हिंदी और गणित के प्रश्न अपेक्षाकृत सरल और समझने में आसान थे।

    एक अन्य छात्र आयुष द्विवेदी ने यह भी साझा किया कि परीक्षा संतुलित स्तर की थी। कंप्यूटर का पेपर थोड़ा चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इतिहास, राजनीतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र और भूगोल के प्रश्न उचित स्तर पर थे। उन्होंने पूरे परीक्षा अनुभव को संतोषजनक बताया।

    अधिकारी स्पष्ट करते हैं कि यूपीएसएसएससी परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह कदम यूपी के युवाओं को न्यायसंगत अवसर देने और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।

    सरकारी विमर्श और तकनीकी सुरक्षा के मद्देनजर, भविष्य में भी इसी तरह की उच्च स्तरीय सुरक्षा एवं जांच प्रक्रियाएं अपनाई जाएंगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को कड़ाई से रोका जा सके।

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