जयपुर। राजस्थान राज्य इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है, जहां श्री गंगानगर में बुधवार को रिकार्ड 48.2 डिग्री सेल्सियस का तापमान दर्ज किया गया। यह इस मौसम का अब तक का सबसे अधिक तापमान माना जा रहा है। अन्य कई शहरों में भी पारा 46 डिग्री से ऊपर पहुंच गया है, जिससे गर्मी के कारण आम जनजीवन पर असर पड़ा है।
बीकानेर, चूरू, जैसलमेर, पिलानी और फलोदी जैसे इलाकों में भी तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आगामी दो से तीन दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में इसी प्रकार की भीषण गर्मी बनी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बताया है कि राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 से 46 डिग्री तक बना रहेगा, जबकि बीकानेर मंडल, कोटा मंडल और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तापमान 46 से 47 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में 27 और 28 मई को 48 डिग्री के आसपास तापमान रहने का अनुमान है।
विशेष रूप से बुधवार को श्री गंगानगर में 48.2 डिग्री सेल्सियस का सबसे अधिक तापमान दर्ज हुआ, इसके बाद पिलानी में 47 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। बीकानेर में 46.6 डिग्री, जैसलमेर और चूरू में 46.4 डिग्री, फलोदी में 46.2 डिग्री, कोटा में 45.4 डिग्री और वनस्थली में 45.2 डिग्री सेल्सियस का तापमान रिकॉर्ड किया गया। बाड़मेर और उदयपुर जैसे शहरों में भी गर्मी कायम रही और पारा 45 डिग्री तक पहुंचा।
लगातार जारी इस दमदार गर्मी एवं लू के बीच, मौसम विभाग ने एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की सूचना दी है, जिसके कारण 28 मई से राजस्थान में मौसम में बदलाव आने की संभावना है। इस विक्षोभ के प्रभाव से कई इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है, जिससे कुछ राहत मिलने की आशा है।
मौसम विभाग ने बताया है कि 28 मई को जयपुर, भरतपुर और अजमेर डिवीजनों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है जबकि पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर डिवीजन के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश होने की संभावना है। 29 मई को जयपुर, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर डिवीजनों के जिलों में बारिश जारी रह सकती है। 30 और 31 मई को भी जयपुर, भरतपुर और कोटा डिवीजनों में बूँदाबाँदी होने की संभावना बनी हुई है।
इस बदलाव से गर्मी में कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन इस दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि ऐसे मौसम में लू और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बना रहता है। नागरिकों को आवश्यकता से अधिक बाहर निकलने से बचना चाहिए और पर्याप्त पानी पीते रहना चाहिए।
राजस्थान में बढ़ती गर्मी के कारण किसानों, व्यापारियों और आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई जगहों पर बिजली की मांग भी बढ़ गई है जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। सरकार द्वारा भी गर्मी से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि जनता को राहत मिल सके।
इस प्रकार, श्री गंगानगर में रिकॉर्ड तापमान के साथ राजस्थान भर में चल रही भीषण गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित किया है तथा आगामी दिनों में मौसम परिवर्तन की ख़बरें आशा की किरण लेकर आई हैं।

