ट्विशा शर्मा केस: गिरिबाला की अग्रिम जमानत रद्द, पिता ने सीजेआई और मीडिया का आभार जताया

Rashtrabaan

    ग्रेटर नोएडा। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने इस अहम पल पर पूरे मीडिया, देशवासियों और भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का हृदय से धन्यवाद किया। यह भाव उन्होंने तब व्यक्त किया जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ट्विशा की सास और पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी।

    नवनिधि शर्मा ने कहा कि इस लंबी न्याय की लड़ाई में परिवार के साथ खड़े होने के लिए उन्होंने मीडिया और आम जनता का आभार माना। उन्होंने विशेष रूप से मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके साहसपूर्ण निर्णय ने साबित कर दिया कि कानून के ऊपर कोई नहीं होता।

    उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को न्याय के लिए एक बड़ी जीत बताते हुए कहा कि इससे न केवल उनके परिवार को राहत मिली है, बल्कि इसके परिणामस्वरूप उन सभी लोगों में भरोसा बढ़ेगा जो देश में न्याय चाहते हैं। यह फैसला अन्य मामलों के लिए भी एक मिसाल कायम करेगा।

    ट्विशा के पिता ने दहेज से संबंधित मौतों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस गंभीर सामाजिक समस्या से निपटने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा, “आज दहेज हत्या की घटनाएं बेहद चिंताजनक और बर्बर हैं। समाज को इस समस्या के खिलाफ मजबूत कदम उठाने होंगे ताकि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।”

    उन्होंने सीबीआई पर भी पूर्ण भरोसा व्यक्त किया और आश्वस्त किया कि एजेंसी इस मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच करेगी। उन्होंने कहा, “मुझे सीबीआई की क्षमताओं और निष्पक्षता पर पूरा विश्वास है। उन्होंने पहले भी कई जटिल मामलों को सुलझाया है और मुझे यकीन है कि इस मामले में भी वे न्याय सुनिश्चित करेंगे।”

    इस बीच, दहेज से जुड़ी इस उच्चस्तरीय हत्या की जांच में एक महत्वपूर्ण घटना हुई, जब सीबीआई ने रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह को उनकी बहू की कथित आत्महत्या मामले में भोपाल स्थित उनके आवास से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

    इस कार्रवाई के दौरान सीबीआई के साथ भारी पुलिस बल ने कटारा हिल्स इलाके को घेर लिया और स्थानीय पुलिस द्वारा सामान्य लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई। इस मामले के गंभीर होने को देखते हुए जांच एजेंसियां पूरी तत्परता के साथ तथ्य उजागर करने में जुटी हुई हैं।

    ट्विशा शर्मा के पिता ने अंत में कहा कि न्याय मिलने तक वे लड़ाई जारी रखेंगे और समाज में महिलाओं के प्रति हो रहे अत्याचार बंद करवाने के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उनका मानना है कि इस फैसले ने देश में कानून के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत किया है।

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